जागरण संवाददाता, भिवानी : गांव लोहानी स्थित बाबा योगीनाथ अस्पताल द्वारा कोरोना काल में डाक्टर दंपती से कार्य करने के बावजूद लाखों रुपये वेतन समय पर ना देने व चेक बाउंस होने पर जेएमआइसी अविनाश यादव की कोर्ट ने अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर अश्वनी भाटिया को छह माह साधारण कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर को 27 लाख रुपये डाक्टर नरेश व दो लाख रुपये उनकी पत्नी डा. सोनल तंवर को कुल वेतन का नौ प्रतिशत ब्याज अलग से दिए जाने का फैसला सुनाया है।

-- -- गांव लोहानी स्थित बाबा योगीनाथ अस्पताल में कार्यरत डा. नरेश सेन व उनकी पत्नी डा. सोनल तंवर की तरफ से कोर्ट में पैरवी कर रहे एडवोकेट रणधीर सिंह पांचाल ने बताया कि डाक्टर दंपती ने पिछले कोरोना काल में अपनी जान दाव पर लगा कर वहां पर ड्यूटी दी। डा. नरेश सेन का आठ माह का वेतन जो कि 27 लाख रुपये होता है और उनकी पत्नी महिला डा. सोनल तंवर जिनका चार माह का वेतन दो लाख रुपये रोके रखा। उसका भुगतान नहीं किया। बार-बार वेतन दिए जाने की डिमांड की गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने अनदेखी की। इसके बाद डाक्टर दंपती ने परेशान होकर अदालत की शरण ली।

अस्पताल मैनेजमेंट ने इस दौरान दंपती को वेतन का भुगतान करने के लिए चेक दिए, लेकिन यह बाउंस हो गए। इस मामले में जेएमआइसी अविनाश यादव की कोर्ट में महिला डाक्टर व उनके पति नरेश सेन अपील दायर कर न्याय मांगा। इस मामले में जेएमआइसी अविनाश यादव की कोर्ट ने मंगलवार को कड़ा संज्ञान लेते हुए बाबा योगीनाथ अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर अश्वनी भाटिया को चेक बाउंस के मामले में दोषी करार देते हुए छह माह साधारण कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान ही अस्पताल प्रबंधन ने डाक्टर दंपति को 29 लाख वेतन अदा कर दिया। अब कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए डा. नरेश सेन के 27 लाख रुपये वेतन का 9 प्रतिशत ब्याज व डा. सोनल तंवर को भी दो लाख रुपये वेतन का नौ प्रतिशत ब्याज अलग से अदा करने के आदेश दिए है।

Edited By: Manoj Kumar