हिसार, [संदीप बिश्नोई]। देश के सभी बीएड (बैचलर ऑफ एजुकेशन) कालेजों में केवल इसी वर्ष दो साल वाले पाठ्यक्रम में प्रवेश होंगे। अगले सत्र से बीएड चार वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू हो जाएगा। इसमें कक्षा 12 के बाद से ही प्रवेश मिल जाएगा। ये कोर्स बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड होंगे, जिनकी अवधि चार वर्ष की होगी। मानव संसाधन मंत्रालय इसकी घोषणा पहले ही कर चुका है। इसकी वजह यह है कि वही विद्यार्थी इन कोर्स में प्रवेश लें जो शिक्षण क्षेत्र में जाने के लिए गंभीर हों। 

अगले साल से कक्षा 12 के बाद से ही मिलने लगेगा प्रवेश, इस बार होगी मारामारी

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि सरकार इसके लिए एक मौका और दे सकती है या कुछ वर्षों  तक चार वर्षीय कोर्स के साथ स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए दो वर्षीय कोर्स भी साथ में शुरू रख सकती है।

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बीएड कालेज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. एसवी आर्य ने बताया कि अगले वर्ष से बीएड को ग्रेजुएशन कोर्स के साथ जोड़े जाने के कारण इस वर्ष विद्यार्थियों के बीच प्रवेश के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा रहेगी। ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कर चुके छात्र-छात्राएं चाहेंगे कि इस बार उनका प्रवेश हो जाए, क्योंकि अगले वर्ष से कोर्स चार साल का हो जाएगा।

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उन्‍होंने कहा कि इस वजह से पूरे देश में इस बार बीएड में दाखिले के लिए मारामारी रहेगी और मेरिट लिस्ट भी काफी ऊंची होगी। वैसे भी पिछले वर्षों में देश के 18 हजार बीएड कालेजों में पांच हजार कालेज बंद हो चुके हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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