हिसार [अश्विनी कुमार]। रक्षाबंधन पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा शुक्ल पक्ष को मनाया जाएगा। 26 अगस्त को मनाए जाने वाले पर्व पर चार साल बाद पूरे दिन शुभ मुहूर्त रहेगा। इस बार भद्रा 25 अगस्त को दोपहर 2 बजे शुरू होगी, जो कि रात 3 बजे तक रहेगी। 26 अगस्त को भद्रा समाप्त हो जाएगी, इसलिए बहनें पूरे दिन अपने भाइयों को किसी भी समय राखी बांध सकती हैं। हालांकि राखी बांधने के तीन विशेष मुहूर्त भी बताए गए हैं।

वहीं, इस पर्व के दिन पंचक भी शुरू हो रहे हैं। जो धनिष्ठा नक्षत्र से शुरू होकर रेवती नक्षत्र तक पांच दिन तक रहेंगे। वैसे तो इन पंचक में शुभ कार्य करना वर्जित है, लेकिन रक्षाबंधन इस मुहूर्त में वर्जित नहीं बताया गया है। क्योंकि पंचकों में रक्षासूत्र बांधने से कोई बाधा नहीं आती, इसलिए बहनें बिना किसी संकोच के अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती है।

ऋषि नगर स्थित विश्वकर्मा मंदिर के पुजारी राममेहर शास्त्री का कहना है कि वैसे तो इस बार रक्षाबंधन पर्व पर बहनें किसी भी समय राखी बांध सकती हैं, लेकिन सुबह 9 बजकर 5 मिनट से दोपहर 12 बजकर 5 मिनट, दोपहर डेढ़ बजे से दोपहर 3 बजे तथा शाम 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त बताया गया है।

उन्होंने बताया कि राखी हमेशा दाएं हाथ पर बांधनी चाहिए। राखी बांधते समय भाई का मुंह हमेशा उत्तर या पूर्व की दिशा में ही होना चाहिए। बहनें इस दिन राखी बांधने तक भाइयों की लंबी उम्र के लिए व्रत भी रखती हैं। वहीं भाई भी बहनों को उपहार के रूप में कुछ न कुछ देते हैं।

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