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हिसार में लंपी से एक और गाय की मौत, मृतकों की संख्या पहुंची पांच

Published: Sat, 03 Oct 2026 01:11 AM (IST)

गांव राजथल में लंपी जैसे लक्षणों से पीड़ित एक और गाय ने दम तोड़ दिया, जिससे संदिग्ध बीमारी से मरने वाली गायों की संख्या पांच हो गई है।

हिसार में लंपी से एक और गाय की मौत। फाइल फोटो

हिसार में लंपी से एक और गाय की मौत। फाइल फोटो

HighLights

  1. राजथल में लंपी जैसे लक्षणों से पांच गायों की मौत।

  2. पशुपालन विभाग ने निगरानी और टीकाकरण अभियान तेज किया।

  3. संदिग्ध पशुओं के सैंपल हिसार प्रयोगशाला में जांच हेतु भेजे।

संवाद सहयोगी, नारनौंद। गांव राजथल में लंपी जैसे लक्षणों से पीड़ित एक और गाय ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। ग्रामीणों के अनुसार इससे पहले चार गायों की मौत हो चुकी है। ऐसे में संदिग्ध बीमारी से मरने वाली गायों की संख्या पांच हो गई है। मौतों से पशुपालकों में गंभीर चिंता लगातार बढ़ गई है, जबकि अन्य गायें भी बीमारी की चपेट में बताई जा रही हैं।

पशुपालन विभाग ने निगरानी और टीकाकरण अभियान तेज कर दिया है। पशु रोग निदान प्रयोगशाला हिसार की टीम ने राजथल पहुंचकर संदिग्ध गोवंश की जांच की तथा पशुओं के सैंपल लेकर जांच के लिए हिसार प्रयोगशाला भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। ग्रामीणों के अनुसार शक्ति सिंह, शीलू मान, बिल्लू और हरपाल सैनी की गायों के अलावा एक बेसहारा गाय की मौत हुई है।

शुक्रवार को दम तोड़ने वाली गाय कई दिनों से बीमार थी और उसका टीकाकरण भी करवाया गया था। पशु चिकित्सक डा. अमित शर्मा और डा. विनय ने गांव में शिविर लगाकर बीमार पशुओं की जांच की। पशुपालकों को दवाइयां उपलब्ध करवाने के साथ पशुओं की देखभाल, संदिग्ध पशुओं को अलग रखने और बीमारी से बचाव के उपाय बताए गए।

लक्षण दिखें तो तुरंत पशु चिकित्सक को दें सूचना

डा. अमित शर्मा ने बताया कि पशुपालन विभाग लंपी रोग को लेकर हाई अलर्ट पर है। संदिग्ध मामलों की जांच, निगरानी, टीकाकरण और उपचार किया जा रहा है। उन्होंने पशुपालकों से गायों की त्वचा पर गांठें, बुखार, सुस्ती, भूख में कमी अथवा असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक को सूचना देने की अपील की।

पशुपालक बीमार पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें तथा उसके चारे और पानी की अलग व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने से पहले बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती। विभाग की टीम गांव में स्थिति पर नजर रख रही है।