हिसार, जेएनएन। अगर आप कुत्ता पालने के शौकीन हैं तो आपको उनका पंजीकरण करवाना होगा। पशुपालन एवं डेयरी विभाग हरियाणा के महानिदेशक ने प्रदेश के सभी पालतू कुत्तों के पंजीकरण के संबंध में आदेश जारी किए हैं। पत्र में हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव, पशुपालन एवं डेयरी विभाग कम हरियाणा पशु कल्याण बोर्ड की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस संदर्भ में निर्णय लिए जाने की बात कही गई है। बैठक का हवाला देते हुए कहा गया है कि प्रदेश के सभी पालतू कुत्तों का पंजीकरण करवाया जाए।

पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए पशुपालन विभाग नई व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। इसके लिए रूपरेखा भी तैयार की गई है। इसी संदर्भ में पशुपालन विभाग के महानिदेशक का पत्र मिलते ही उपनिदेशक की ओर से निगम प्रशासन को पत्र की कापी भेजी गई है। ऐसे में अब निगम के सहयोग से शहर में पालतू कुत्तों का पंजीकरण होगा। बता दें कि इससे पूर्व में भी निगम में कुत्तों के पंजीकरण का कार्य शुरू किया गया था। जो बाद में ठंडे बस्ते में चला गया था।

शहर की जनता गली के कुत्तों से परेशान

शहर में की जनता गली के कुत्तों से बड़ी परेशान है। उनसे सुरक्षा और निजात पाने के लिए कई क्षेत्रों से शहरवासी कई बार नगर निगम में शिकायत भी कर चुके हैं। शहरवासियों की मांग है कि गली में घूम रहे लावारिस कुत्तों को निगम पकड़वाए ताकि क्षेत्रवासियों को उनके आतंक से छुटकारा मिल सके। शहर के मुख्य बाजार हो, पॉश कालोनी, सेक्टर या गली मुहल्ले की सड़के हों, हर क्षेत्र में लावारिस कुत्ते आम देखे जा सके हैं।

18550 कुत्तों का हो चुका है बधियाकरण

नेशनल रैबीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत टीम ने लावारिस कुत्तों के जन्म पर कंट्रोल करने के लिए उनका बधियाकरण किया गया। जिसमें जुलाई 2015 से 31 मई 2016 तक 18550 कुत्तों का बधियाकरण हो चुका है। वर्तमान में कुत्तों के बधियाकरण का कार्य बंद है। जिसके लंबे समय से यह कार्य बंद होने के कारण शहर में लावारिश कुत्तों की संख्या में काफी इजाफा हो चुका है।

शहर में लेब्रा डॉग व जर्मन शेफर्ड के अधिक हैं शौकिन

कुत्ते पालने के शौकीन की बात करें तो हिसार के लोगों के फेवरेट कुत्ते लेब्रा डॉग हैं। इसके बाद ही जर्मन शेफर्ड, पग और रोट व्हीलर शामिल हैं। पूर्व में शहर में व‌र्ल्ड रैबीज डे पर जब टीकाकरण करवाया गया था तो उसमें लेब्रा की संख्या अधिक थी। यह कुत्ते समझदारी और सूंघने की शक्ति भी इस नस्ल की बेहतर होती है। इसके अलावा साधारण डाइट से भी इनका पालन हो जाता है। जिससे इनको पालने का खर्च भी कम रहता है। इसके अलावा सुरक्षा की दृष्टि से लोग जर्मन शेफर्ड पालना पसंद करते है। इसके अलावा देसी कुत्ते को पालने के शौकिन भी शहर में मौजूद हैं।

------ पशुपालन विभाग के महानिदेशक की ओर से जारी पत्र की कॉपी मेरे पास आई है। पालतू कुत्तों का पंजीकरण पशुपालन विभाग की ओर से किया जाएगा।

- शालिनी चेतल, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम हिसार।

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