सिरसा, जागरण संवाददाता। सिरसा लघु सचिवालय के सामने आंगनबाड़ी हेल्पर व वर्करों का मांगों को लेकर शनिवार को धरना जारी रहा। वर्करों ने मांगों को लेकर मौन बैठकर धरना दिया। इससे पहले जिलेभर की आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन के बैनर तले सुबह 10 बजे सचिवालय के सामने एकत्रित हुई। यूनियन की जिला प्रधान कृष्णा दहिया, वीरोरानी, शुकंतला, शारदा, सरोज व पुष्पा ने कहा कि मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

न्यूनतम वेतन आंगनबाड़ी वर्करों को 24 हजार रुपये करने की मांग

विभाग के अधिकारी वर्करों को धमकाने का काम कर रहे हैं। मगर वर्कर डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्करों की मांग सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। जब तक कर्मचारी नहीं बनाया जाता तब तक न्यूनतम वेतन आंगनबाड़ी वर्करों को 24 हजार रुपये व हेल्परों को 16 हजार रुपये दिया जाए। 2018 में की गई घोषणाओं को लागू करते हुए महंगाई भत्ते की तमाम किस्त मानदेय में जोड़कर की जाए। महंगाई भत्ते का बकाया एरियर भी तुरंत दिया जाए। विभाग द्वारा बिना मोबाइल फोन दिए व अन्य संसाधन दिए वर्कर्स पर आनलाइन का काम न करवाया जाए।

50 प्रतिशत की पदोन्नति बिना किसी शर्त के लागू की जाए

उन्होंने कहा कि वर्करों की मांग आंगनबाड़ी वर्कर से सुपरवाइजर के रूप में 50 प्रतिशत की पदोन्नति को बिना किसी शर्त के लागू किया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया बढ़ाया जाए। सभी वर्कर्स व हेल्पर्स को मेडिकल अवकाश दिया जाए। राज्य में आंदोलन के दौरान आंगनबाड़ी वर्करों पर बने रोड जाम के मुकदमे निरस्त किए जाए। उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्करों ने मांगों को लेकर जेल भरो आंदोलन के तहत बुधवार को अपनी गिरफ्तारी भी दे चुकी है। जब तक वर्करों की मांग पूरी नहीं होगी। वर्करों का आंदोलन जारी रहेगा। जिसको लेकर वर्करों ने रणनीति बना ली है।

Edited By: Naveen Dalal