जागरण संवाददाता, हिसार : सेवा, करुणा और योग से मानव अपने आपको मंदिर बना सकता है। जब मानव खुद ही मंदिर बन जाएगा तो उसके परमात्मा उसके भीतर प्रकट हो जाएगे। यह कहना है कि जनजागृति के लिए 50 हजार किलोमीटर पैदल यात्रा करने वाले जैन मुनि आचार्य रूपचंद्र महाराज का। दैनिक जागरण संवाददाता से विशेष बातचीत में आचार्य रूपचंद्र ने कहा देवताओं के मंदिर तो बहुत बन रहे हैं लेकिन सेवा, करूणा और योगा से मानव को मंदिर बनाना हमारा उद्देश्य है। जब मानव मंदिर बनेगा तो परमात्मा के पा लेगा। हम किसी भी पंथ सम्प्रदाय विशेष की बात नहीं करते। हम कहते हैं कि सब पंथ, सभी संतों का एक ही संदेश है कि अपने जीवन के साथ योग ध्यान जोड़ें और साथ में संवेदना करूणा सेवा के द्वारा समाज में हम जो कुछ भी समाज के लिए कर सकते हैं, वह करें। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए लोगों को सेवा, करूणा और योगा के बारे में जागरूक करने के लिए जैन मुनि आचार्य रूपचंद 22 फरवरी को हिसार के प्रेम नगर स्थित मानव मंदिर भवन में आएंगे। यहां 22 फरवरी से 26 फरवरी तक रहेंगे। उनके साथ उनके शिष्य अरूण योगी और तीन गुरुकुल के बच्चे भी होंगे।

------------------

जाने कौन हैं आचार्य रूपचंद्र

80 वर्षीय आचार्य रूपचंद्र का जन्म 22 सितंबर 1939 में राजस्थान के सरदार शहर में हुआ। उनके पिता जयचंद लाल सिधी कपड़ा व्यापारी थे। माता का नाम पांची देवी। 13 साल की उम्र में उन्होंने आचार्य तुलती के पास राजस्थान में दीक्षा ली। संस्कृत, प्राकृत, वेद उपनिषद्, भगवान महावीर वाणी और महात्मा बुद्ध वाणी का अध्ययन किया। जनजागृति के लिए भारत और नेपाल में 50 हजार किलोमीटर पैदल यात्रा की। साल 1991 से विदेशों में अमेरिका, कनाडा, इंग्लैंड और स्वीडन के सेंटर का भ्रमण कर वहां की जनता को प्रवचन दे रहे हैं।

---------------------------------

23 फरवरी को लगेगा निश्शुल्क चिकित्सा शिविर

पूर्व मेयर शकुंतला राजलीवाला ने कहा कि 22 फरवरी को आचार्य रूपचंद्र हिसार मानव मंदिर में आएंगे। 23 को मानव मंदिर भवन में निश्शुल्क मेडिकल शिविर का आयोजन होगा। इसके बाद 24 से 26 फरवरी तक तीन दिन योगा, मेडिटेशन और प्रवचन होंगे।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस