हरियाणा के डाकघरों में लक्ष्य पूरा करने के लिए खातों में धांधली, एक नाम पर 213 अकाउंट
डाक विभाग में खाता खोलने के लक्ष्य पूरे करने के लिए अनियमितताएं सामने आई हैं, जहां सिरसा और हांसी में एक ही नाम पर सैकड़ों खाते खोले गए।
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डाकघरों में लक्ष्य की आड़ में खातों का खेल, एक ही नाम पर 213 अकाउंट।
HighLights
सिरसा में एक एजेंट के नाम पर 167 आरडी खाते खोले गए
हांसी में एक ग्रामीण महिला के नाम पर 213 टीडी खाते मिले
लक्ष्य पूरे करने के लिए स्वजनों/एजेंटों के नाम पर खाते खोले जा रहे
पवन सिरोवा, हिसार। डाक विभाग की बचत योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंडलों को दिए गए खाता खोलने के लक्ष्य अब सवालों के घेरे में है। लक्ष्य पूरा करने की कवायद में कुछ डाककर्मियों की ओर से अपने स्वजन और विभागीय एजेंटों के नाम पर बड़ी संख्या में खाते खोले जाने के मामले सामने आए हैं।
सिरसा में एक एजेंट के नाम पर 167 आरडी (रेकरिंग डिपाजिट) खाते खोले जाने का मामला सामने आया, जबकि हांसी में एक ग्रामीण महिला के नाम पर 213 टर्म डिपोजिट (टीडी) खाते खोले गए। एक अन्य महिला के नाम पर 55 टर्म डिपोजिट खाते खोले जाने का मामला भी सामने आया है।
हर कार्यदिवस में खातों का लक्ष्य, श्रेणी के हिसाब से तय संख्या
डाक विभाग में सुकन्या समृद्धि योजना, आरडी, टीडी, एफडी और बचत खाते सहित कई योजनाएं संचालित हैं। मुख्य डाकघर से लेकर उपडाकघर और शाखा डाकघरों में कर्मचारियों को नए पोस्ट आफिस सेविंग बैंक (पीओएसबी) खाते खोलने के लक्ष्य दिए गए हैं।
भारतीय डाक सेवा के अंबाला हरियाणा परिमंडल के सहायक निदेशक (वित्तीय सेवाएं) की ओर से जारी पत्र के अनुसार 7 से 12 सितंबर 2026 के बीच हरियाणा परिमंडल के 2704 मंडल कार्यालयों को 3,42,700 खाते खोलने का लक्ष्य दिया गया है। जिसमें कार्यालयों को प्रतिदिन 17 से 100 खाते खोलाने का लक्ष्य दिया है।
आरडी : न्यूनतम 100 रुपये में खाता खुल सकता है।
टीडी : न्यूनतम 1000 रुपये में खाता खुल सकता है।
हिसार मंडल में एक ही नाम पर आरडी और टीडी की स्थिति
हांसी : ग्रामीण महिला के नाम पर 5.48 लाख रुपये में 213 टीडी खाते खुलवाए गए। खाते में दर्ज नंबर पर महिला ने बताया कि उसके पति पोस्टमास्टर हैं और उन्होंने ही खाते खुलवाए हैं।
सिरसा : एक व्यक्ति के नाम पर 16,700 रुपये में 167 आरडी खाते खोले गए। बातचीत में उसने खुद को डाक विभाग का एजेंट बताया, लेकिन इतनी आरडी खुलवाने का कारण नहीं बताया।
सिरसा : एक व्यक्ति के नाम पर सात हजार रुपये में 88 आरडी खाते खुलवाए गए। व्यक्ति ने खुद को डाक विभाग का एजेंट बताते हुए कहा कि खाते दबाव में नहीं, लाभ के लिए खुलवाए गए हैं।
हांसी : एक महिला के नाम पर एक लाख रुपये में 55 टीडी खाते खुलवाए गए। खाते में दर्ज नंबर पर पुरुष ने बताया कि नंबर उसका है, लेकिन वह इस नाम की महिला को नहीं जानता।
मैदान में मेहनत कम और कागजों पर खाते ज्यादा
स्टाफ की मानें तो कुछ कर्मचारियों ने फील्ड में नए ग्राहक तलाशने के बजाय एजेंटों या स्वजन के दस्तावेजों पर कई-कई खाते खोलकर आंकड़े पूरे किए जा रहे हैं। जबकि खाते खोलने का मकसद डाक विभाग की योजनाओं को शहर से गांव तक पहुंचाकर नए लोग योजनाओं से जुड़ने और छोटी बचत को सुरक्षित भविष्य का आधार बनाना है।
ऐसा ही मुद्दा पूर्व में राजस्थान में भी चर्चा में रहा था जहां लक्ष्य पूरा करने के लिए डाककर्मियों ने अपने नाम पर बड़ी संख्या में आरडी खाते खोले। अब हांसी और सिरसा में ऐसे मामले सामने आने से हरियाणा में भी लक्ष्य निर्धारण में हो रहे खेल पर सवाल उठ रहे है।
खोते खोलने का कर्मचारियों पर दबाव नहीं है और आज तक लक्ष्य पूरा नहीं होने पर किसी कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं हुई। लक्ष्य देने का उद्देश्य कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुस्ती रोकना है। - रामफल, डिविजन प्रधान एवं राज्य उपप्रधान, नेशनल यूनियन आफ ग्रामीण डाक सेवक
हिसार मंडल में किसी कर्मचारी पर किसी लक्ष्य को पाने का कोई दबाव नहीं बनाया गया है। विभाग की ओर से अगर कोई लक्ष्य आता है तो वह श्रेणी के अनुसार डाकघरों को आता है, न की किसी कर्मचारी को। खाते खोलने का कार्य का उद्देश्य है कि लोगों के जीवन में सकारात्मक सुधार लाया जा सके और विकसित भारत के सपने को साकार करने में वे अपना अमूल्य योगदान दे सकें।- अनिल कुमार रोज, अधीक्षक डाकघर, हिसार।
