जागरण संवाददाता, झज्जर। झज्‍जर में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। मूल रुप से उत्तर प्रदेश में रहने वाला एक परिवार पिछले काफी समय से बहादुरगढ़ में रह रहा है। परिवार की करीब 15 वर्षीय बेटी ने अपने मकान मालिक की मदद से 26 जुलाई को चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) पर काल करते हुए बताया कि इन दिनों में उसकी मां अपने घर गई हुई हैं। वह अकेली पिता के साथ किराये के मकान में रहती हैं। मां के जाने के बाद पिता तीन दफा उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश कर चुके हैं।

नाबालिग की शिकायत के बाद विभाग की टीम हरकत में आई और बच्ची को रेस्कयू करने की जिम्मेदारी जिला बाल संरक्षण अधिकारी की टीम को सौंपी गई। जिस पर जिला इकाई ने पुलिस की मदद से बच्ची को रेस्कयू करते हुए बहादुरगढ़ स्थित उमंग अनाथ आश्रम में भेजा गया है। इससे पहले बच्ची को सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत करते हुए काउंसलिंग भी कराई गईं हैं। नाबालिग की मां को सूचित कर दिया गया है। जिसके लौटने के बाद आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

तीन बजे से पहले पहुंचने का किया आग्रह

जिस पिता के भरोसे बेटी को एक मां छोड़कर गइ्र थी। उसी पिता ने बेटी के साथ गलत हरकत करने की कोशिश की है। जैसा कि नाबालिग द्वारा की गई शिकायत में सामने आया हैं। यहां खास बात यह भी आई कि उसने टीम को तीन बजे से पहले घर से आने की बात बताई थी। कहना रहा कि पिता एक फैक्ट्री में काम करता है। तीन बजे के बाद वहां से वापिस लौटता है। जिसके बाद ही वह इस तरह की हरकत करता है। ऐसी स्थिति में पुन: उसके साथ ऐसी कोई हरकत नहीं हो, के मद्देनजर ही शिकायत की गईं। बहरहाल, नाबालिग की शिकायत के आधार पर रेस्क्यू करा दिया गया है। नाबालिग की मां के भी वापिस लौटने का टीम इंतजार कर रही है।

- कोविड के दौर में पिछले करीब डेढ़ साल से प्राय: बच्चें अपने घर पर ही हैं। घर में रहने के दौरान वे अपना अधिक समय परिवार के साथ व्यतीत कर रहे हैं। लेकिन, यहां पर जिस तरह से एक पिता ने बेटी के साथ प्रयास किया। वह काफी चिंता का विषय है। बेशक ही इन दिनों में हर स्तर पर कांउसलिंग का कार्य हर स्तर पर तेजी से किया जाना चाहिए।

हेमा गुप्ता, संस्थापक, फाउंडेशन आफ फाइनेंशियल इनक्लूजन फार वीमेन

प्रतिक्रिया : नाबालिग अपनी मां की गैरहाजिरी में पिता के साथ अकेली थी। जिसने तीन दफा गलत हरकत करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। बच्ची को रेस्क्यू करने के बाद सीडब्ल्यूसी से काउंसलिंग भी कराई गई है। जिसे बहादुरगढ़ स्थित उमंग अनाथ आश्रम में छोड़ा गया है।

लतिका, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, झज्जर।

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Edited By: Manoj Kumar