जागरण संवाददाता, हिसार: विधानसभा चुनाव में 118 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला सोमवार को सुबह छह बजे से कैद होना शुरू हो जाएगा। इससे पहले रविवार को सुबह साढ़े 8 बजे से प्रशासनिक अमले से लेकर चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों ने एक बड़ी आखिरी रिहर्सल की। जिले की सात विधानसभाओं में 1294 बूथ बनाए गए हैं, जहां सोमवार को निष्पक्षता से चुनाव कराने की जिम्मेदारी 5176 कर्मचारियों के साथ 2700 पुलिस कर्मी व होमगार्डों के कंधों पर है। रविवार को महाबीर स्टेडियम में 5 तो उकलाना नारनौंद में 2 विधानसभा क्षेत्रों में स्थित बूथों पर चुनाव कराने वाली पोलिग पार्टियों को मतदान सामग्री दी गई। सुबह साढ़े 8 बजे से शुरू हुई इस प्रक्रिया में हर बार की तरह कुछ अलग रंग देखने को मिले। कुछ विधानसभा में कर्मचारियों ने चुनाव में न जाना पड़े इसके लिए फोन ही बंद कर लिया तो कोई गैर हाजिर रहा। इसको लेकर करीब 20 कर्मचारियों को नोटिस भी दिया जाएगा। हालांकि इसमें कुछ ऐसे कर्मचारी भी हैं जिनको गंभीर बीमारियां हैं। इसकी भरपाई के लिए रिजर्व में लगे कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई। इसके साथ ही ऐसी लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। सभी विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग अफसर मौके पर स्थितियां संभालते दिखे।

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पोलिग पार्टियों को 60 प्रकार के दिए सामान

पोलिग पार्टियों को रवाना करने से पहले विधानसभा क्षेत्रों के डेस्क पर कार्यरत कर्मचारियों को एक वीवीपैट और दो यूनिट दी गईं। इसके साथ ही चुनाव संबंधी 60 प्रकार का सामान रहा, जिसमें मॉक पोल के लिए लिफाफा, प्लास्टिक बॉक्स, वीवीपैट को चलाने के लिए मैनुअल, वोट डालने की प्रक्रिया वाले पोस्टर, ईवीएम व वीवीपैट मशीनों को ट्रबलशूट करने की प्रक्रिया, मतदाताओं की सूची, स्टांप, बॉक्स, स्टेशनरी आदि सामान दिया गया। इसे चेक करने के बाद ही बूथों पर रवाना होना था। इस काम में दो से तीन घंटे का समय लगता है, ऐसे में घर से टिफिन में खाना लाए कर्मचारी खाते भी दिखाई दिए।

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पिक बूथों पर पहुंचने को महिला कर्मियों में उत्साह

हिसार के सातों विधानसभा क्षेत्रों 22 पिक बूथ बनाए गए हैं। इन बूथों पर स्टाफ पूरी तरह से महिलाओं का ही होगा। इनको सजाने का प्रबंध भी प्रशासन की तरफ से किया गया है। महाबीर स्टेडियम में चुनाव सामग्री लेने आई महिलाओं में चुनाव कराने के लिए अलग ही जोश दिखाई दिया। उन्होंने बताया कि उनकी दो बार ट्रेनिग हुई है, घर पर बच्चों से कहकर आईं हैं कि वह एक दिन बाद आएंगी। मतदान को महापर्व मानते हुए वह कहती हैं कि जिले में 22 बूथों को पिक बूथ बनाया गया है, अगले चुनाव में यह संख्या बढ़नी चाहिए। महिलाओं ने वीवीपैट लेने के बाद सेल्फी भी ली। इनमें से कुछ अपने बच्चों और पति के साथ आती दिखीं।

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रविवार रात्रि को बूथ पर ही रहेंगे कर्मचारी

सभी विधानसभाओं में पोलिग पार्टियों को रविवार रात्रिभर बूथ पर ही रुकना होगा। इसके लिए खाने का प्रबंध पैकेटों के माध्यम से उनके बूथों पर ही किया गया है। बूथों पर पहुंचने के बाद कर्मियों ने टेबल-कुर्सियां लगाकर बूथ को आकार दे दिया तो पिक बूथों को गुब्बारों, फोटो प्वाइंट्स और आकर्षक झालरों से सजाया गया है। इसके साथ ही पोलिग पार्टियों को मास्टर ट्रेनर्स ने ईवीएम की हैंड्स ऑन ट्रेनिग भी दी गई।

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कर्मियों को रिहर्सल में यह दिलाई शपथ

आरओ ने अपने-अपने मतदान केंद्र पर जाकर निष्पक्ष व पारदर्शी कराने, सभी प्रत्याशियों में समानता रखने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि हमें न तो किसी का पक्ष लेना है और न ही किसी से भेदभाव करना है। पार्टियों ने जहां से मशीनें व चुनाव सामग्री उठाई है, मतदान का समय समाप्त होने के बद वहीं जमा करानी हैं।

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ईवीएम या वीवीपैट खराब होने पर

किसी मतदान केंद्र पर ईवीएम मशीन, वीवीपैट मशीन में खराबी आती है तो उसे सेक्टर ऑफिसर द्वारा बदला जाएगा। यदि वीवीपैट में खराबी आती है तो केवल वीवीपैट को बदला जाएगा लेकिन यदि ईवीएम मशीन में खराबी आती है तो ईवीएम व वीवीपैट, दोनों को बदला जाएगा। सभी सेक्टर अफसरों को प्रत्येक 2 घंटे बाद मतदान प्रतिशत की रिपोर्ट देंगे। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए माइक्रो ऑब्जर्वर भी लगाए गए हैं।

Posted By: Jagran

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