हिसार [पवन सिरोवा] पर्यावरण बचाने के लिए वन विभाग अब स्‍कूली बच्‍चों के माध्‍यम से योजना चला रहा है। एक पौधे को पेड़ का रूप लेने और उससे फल मिलने तक की जो प्रक्रिया है उससे वन विभाग विद्यार्थियों को रूबरू करवाएगा। यह कार्य प्रदेश मुख्यमंत्री मनोहरलाल के आदेश पर पौधगिरी योजना के तहत किया जाएगा। दूसरी तरफ सोमवार से स्कूल खुल चुके हैं। मानसून की पहली बारिश से ही छठी से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थी पौधे लगा सकेंगे। विद्यार्थियों को पौधे देने का काम वन विभाग शुरू करेगा।

यह काम प्रदेशभर में होगा और हिसार जिले को हरभरा करने की मुहिम में वन विभाग ने 1.15 लाख फलदार, फूल व छायादार की पौध तैयार की है। योजना सिरे चढ़ाने के लिए वन विभाग स्कूल खुलने के इंतजार में था। उनका लंबा इंतजार खत्म हुआ और अब शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ इसी सप्ताह बैठक कर इस योजना को प्लानिंग के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा हरियाणा के महानिदेशक की ओर से सभी डीईओ व डीईईओ को सीएम के आदेश की पालना के लिए पत्र जारी किया गया है।

हर बच्चे को मिलेगा एक पौधा, जिसकी परवरिश की उसी की होगी जिम्मेदारी

स्कूलों में छठी से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थी अब पढ़ाई के साथ-साथ हरियाली को बढ़ाने और उसकी परवरिश करने का कार्य भी करेंगे। ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार की तरफ से बच्चों को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वन विभाग छठी से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को एक-एक पौधा वितरित करेगा। उन बच्चों को स्कूल शिक्षक के मार्गदर्शन में ये पौधे लगाने होंगे और उनकी देखरेख यानि परवरिश की जिम्मेदारी भी इन्हीं विद्यार्थियों की होगी। इन पौधों की देखभाल के लिए विद्यार्थियों को आर्थिक सहयोग भी दिया जाएगा।

इन नर्सरी में तैयार किए 1.15 लाख पौधे

. हिसार में धान्सू रोड व दौलतपुर में नर्सरी

. हांसी में पाली व हांसी शहर में नर्सरी

. आदमपुर में शहर और कालीरावण की नर्सरी

1.15 लाख पौधे तैयार, मानसून की दस्तक के साथ ही जिले में बढ़ेगी हरियाली

. अमरूद - 40 हजार

. जामुन - 20 हजार

. बेल पत्थर - 7 हजार

. बेरी - 2.25 हजार

. फूल व अन्य पौधे - 45 हजार 500

जाने क्यों हर एक पेड़ जरूरी...

इंडियन कोंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च और पूर्व विभागाध्यक्ष एचएयू हिसार के सीनियर वैज्ञानिक डा. आर के पानू ने कहा कि हम प्रति मिनट सांस के द्वारा औसतन आठ लीटर हवा ग्रहण करते हैं जिसमें 20 प्रतिशत ऑक्सीजन होती है। जब हम सांस छोड़ते हैं तो उसमें 15 प्रतिशत ऑक्सीजन वापस निकल जाती है। इस प्रकार हम प्रति मिनट 400 मिली लीटर ऑक्सीजन सांस के माध्यम से ग्रहण करते हैं जो 24 घंटे में 576 लीटर बनती है। हालांकि औसतन 550 लीटर ऑक्सीजन प्रति व्यक्ति माना जाता है। वहीं एक पेड़ एक साल में 260 पाउंड यानि कि 117.93 किलोग्राम ऑक्सीजन का उत्सर्जन करता है। 22.5 लीटर ऑक्सीजन का वजन 32 ग्राम होता है। यानि कि एक पेड़ एक साल में 82 हजार, 922 लीटर ऑक्सीजन बनता है जिसको एक व्यक्ति 150 दिन में ग्रहण कर जाता है। ।

पेड़ों का लाभ

पेड़ों से हमें ऑक्सीजन मिलती है।

पेड़ कार्बन डाईआक्साइड ग्रहण करता है।

पेड़ छाया और शीतलता प्रदान करता है।

वृक्ष तेज बहने वाली हवाओं को और तूफानों को रोकने में मददगार होता है।

पेड़ मिट्टी कटाव को रोकता हैं।

ग्लोबल वार्मिंग की बढ़ी समस्या से निजात दिलाता है।

शिक्षा विभाग ने ये जारी किए आदेश, प्रदेश में लगाए जाएंगे 31.14 लाख पौधे

महानिदेशक की ओर से डीईओ व डीईईओ को जारी पत्र में कहा गया है कि जिले के डाइट संस्थान के वरिष्ठ प्रवक्ता, ईको क्लब समन्वयक को इस कार्यक्रम का नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। पत्र में 22 शहरों की 181 नर्सरी के माध्यम से 3114439 पौधरोपण होगा। जिसमें 805357 फलदार, 265398 सजावटी यानि फूल के पौधे, 453327 छायादार,1460556 लकड़ी के लिए तैयार होने वाले पौधे, 129801 ईंधन के लिए प्रयोग होने वाले पौधे लगाने के आदेश दिए है।

----हमने 1.15 लाख पौधे तैयार कर रखे है। स्कूल खुलने के इंतजार में थे। अब जिला शिक्षा अधिकारी से बैठक कर ये पौधे स्कूलों में छठी से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों में निशुल्क बांटे जाएंगे। विद्यार्थियों के माध्यम से शहर व गांव में हरियाली बढ़ाई जाएगी। हरियाली बढ़ाने का यह कार्य पौध गिरी योजना के तहत होगा। इसमें पौधों की देखभाव भी विद्यार्थियों के माध्यम से की जाएगी।

- वेद प्रकाश, जिला वन अधिकारी, हिसार।

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Posted By: manoj kumar