जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: अतिरिक्त उपायुक्त प्रशांत पवार की अध्यक्षता में बर्ड फ्लू को लेकर बृहस्पतिवार को लघु सचिवालय सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में संबंधित विभागों को बर्ड फ्लू से बचाव व रोकथाम को लेकर क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए की जानकारी दी गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने बर्ड फ्लू को लेकर कार्ययोजना संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी अधिकारियों के साथ साझा की। उन्होंने कहा कि बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए सभी संबंधित विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी को सतर्कता बरतते हुए काम करना होगा। किसी भी प्रकार का संशय होने पर अधिकारी तुरंत संबंधित उच्च अधिकारी से बातचीत करे। उन्होंने कहा कि बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए निरीक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कार्यशाला में पशुपालन विभाग की उपनिदेशक डा. पुनिता ने सभी को बर्ड फ्लू के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर उप-सिविल सर्जन डा. सुधा यादव ने बर्ड फ्लू के लक्षणों व इससे बचाव उपायों सहित स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए इंतजामों के बारे में बताया। कहा कि बर्ड फ्लू के लक्षणों में धीरे-धीरे बुखार, नाक से खून निकलना, लगातार कफ बनना, नाक बहना, सिर में दर्द, गले में सूजन और खरास, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और दस्त, पेट के निचले हिस्से में दर्द, सांस लेने में समस्या आदि शामिल हैं। बचाव के लिए व्यक्ति को मरे हुए पक्षियों से दूर रहना चाहिए। बर्ड फ्लू प्रभावित क्षेत्र में नान-वेज खाने से परहेज करें। मास्क पहनकर मुंह और नाक ढकें। लक्षण मिलने पर तुरंत डाक्टर से सलाह करें। अपने हाथ धोते रहें, विशेषकर खाने से पहले अपने हाथ जरूर धोएं। बैठक में पशुपालन विभाग के एसडीओ रामफल मान, एक्सईएन संदीप व नरेंद्र यादव, कामर्शियल पोल्ट्री फार्मर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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