जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: महिला सुरक्षा को लेकर न केवल समय-समय पर कॉल सेंटरों का औचक निरीक्षण किया जाएगा, बल्कि कैब की भी जांच की जाएगी। निरीक्षण से लेकर जांच के लिए एक संयुक्त कमेटी बनाई जाएगी। इसमें इलाके के श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ ही लेबर लॉ एडवाइजर्स एसोसिएशन के एक प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाएगा, जिससे कि कोई भी प्रतिष्ठान जांच के ऊपर अंगुली न उठा सके।

इस बारे में सहायक श्रम आयुक्त (सर्किल-एक) विनोद दहिया ने बुधवार को अपने कार्यालय में लेबर लॉ एडवाइजर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट आरएल शर्मा, पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट एसएस थिरियान एवं सेवानिवृत्त श्रम निरीक्षक रतनलाल के साथ चर्चा की। सभी ने संयुक्त कमेटी बनाकर अभियान चलाने का सुझाव दिए।

सहायक श्रम आयुक्त विनोद दहिया ने बताया कि नाइट डयूटी के दौरान महिला कर्मचारियों के लिए कैब की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है। कैब वाले महिला कर्मचारियों को उनके घर के नजदीक उतारते हैं या नहीं, इस बारे में समय-समय पर जानकारी हासिल की जाती है। यही नहीं जहां पर महिलाएं काम करती हैं वहां पर उनकी सुरक्षा की क्या-क्या सुविधाएं हैं, यह भी पता किया जाता है। इसी दिशा में अगले सप्ताह से व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया जाएगा। अभियान के ऊपर कोई अंगुली न उठाए या फिर पूरी तरह से पारदर्शिता रहे, इसके लिए कमेटी बनाकर जांच की जाएगी। बता दें कि कैब चालकों द्वारा महिला कर्मचारियों को उनके घर के नजदीक नहीं उतारने की बजाय मुख्य सड़क पर उतारकर चले जाने की शिकायत कई सामने आ चुकी है।

Posted By: Jagran

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