जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: प्रचंड गर्मी में साइबर सिटी पेयजल संकट को झेल रही है। गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक पूरे शहर में 450 एमएलडी पानी की सप्लाई की जा रही है। इतना पेयजल करीब 30 लाख की आबादी के लिए पर्याप्त है, लेकिन जगह-जगह लाइनों में लीकेज और पेयजल कनेक्शनों के पर मीटर नहीं लगे होने के कारण पानी की बर्बादी हो रही है। गर्मी के कारण घरों में पानी की खपत भी बढ़ गई है, लेकिन पेयजल को बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। निगम क्षेत्र के 41 गांवों में नहीं लगा एक भी मीटर

सेक्टरों और कॉलोनियों में करीब 32 हजार कनेक्शन हैं। नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि इन सब कनेक्शनों पर मीटर लगे हैं और पानी के बिल भी भेजे जा रहे हैं। लेकिन हकीकत में गांवों में पेयजल कनेक्शनों पर एक भी मीटर नहीं लगा हुआ है। नगर निगम क्षेत्र में 41 गांव शामिल हैं। ज्यादातर गांवों में पानी के मीटर नहीं लगे हुए हैं। पानी का दुरुपयोग किया जाया जा रहा है। गाड़ियां धोने से लेकर बि¨ल्डग निर्माण में पानी की बर्बादी की जा रही है।

मीटर के बिना नहीं हो रही बिलों की वसूली

पानी के मीटर जहां पर नहीं लगे हुए वहां से बिलों की वसूली भी नहीं हो रही है। शहर में नहरी पानी के अलावा बोरवेल से भी पेयजल आपूर्ति की जा रही है। शहर में करीब 650 बोरवेल लगे हुए हैं, इन बोरवेल की मोटरें चलाने और बू¨स्टग स्टेशनों का हर माह लाखों रुपये का बिजली का बिल आता है और बिलों का भुगतान निगम के खजाने से किया जा रहा है। अगर पानी के कनेक्शनों पर मीटर लगा दिए जाएं तो एक तरफ जहां पानी बचेगा वहीं बिलों का बोझ भी निगम पर नहीं पड़ेगा।

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