जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: द्वारका एक्सप्रेस-वे के लोगों ने औद्योगिक वेयरहाउस का कचरा एक्सप्रेस-वे के गिर्द खाली प्लॉटों में जलाए जाने की शिकायत की है। औद्योगिक कचरे में रबड़, प्लास्टिक, कपड़े जलाए जाने की शिकायत की गई है। सेक्टर 82 स्थित माप्सको कासाबेला सोसायटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष धर्मवीर सिंह ने सोमवार की सुबह उन्होंने ऐसे एक कचरे को जलते हुए देखा और उसका वीडियो बनाकर अधिकारियों को भेजी और सोशल मीडिया पर जारी किया।

धर्मवीर सिंह ने बताया कि खेड़की दौला और सीही गांव के बीच में कुछ उद्योगों के वेयरहाउस हैं, जहां से कचरा को ले जाकर खाली प्लॉट में डंप कर दिया जाता है। बाद में मौका मिलते हुए उसे जला दिया जाता है। प्रदूषित धुआं दूर तक फैला रहता है। सोमवार को हमने वही रिकॉर्ड किया। उनके कचरे के निष्पादन की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसा आए दिन होता है। दौलताबाद औद्योगिक क्षेत्र के कचरे के बारे में भारत शर्मा ने बताया कि रविवार को उन्होंने एक जगह आग लगी देखी, प्रशासन को सूचित किया। इसके बाद सोमवार को भी औद्योगिक कचरे को जलते हुए देखा था, उसे उसे बुझाया गया। नौ नवंबर को काफी मात्रा में यहां औद्योगिक कचरा जलाकर खत्म किया गया। इसमें ज्यादातर रबर और प्लास्टिक था। जिसे आस-पास के पांच छह लड़कों ने एकत्र होकर बुझाने की कोशिश की। द्वारका एक्सप्रेस-वे के खाली प्लॉट कूड़ा जलाए जाने की बड़ी जगह बनकर रह गए हैं।

सिटिजन फॉर क्लीन एयर की एक्टिविस्ट रुचिका सेठी टक्कर ने बताया कि प्रशासन बहुत लचर रवैया अपना रहा है। तब जबकि गुरुग्राम की हवा बहुत प्रदूषित है। मंगलवार को प्रदूषण का स्तर भी ज्यादा मगर इन घटनाओं पर रोक नहीं लग रही है।

Posted By: Jagran

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