जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: शहर के कई इलाकों में जहां पेयजल का संकट है, वहीं सेक्टर चार की सड़क पर पेयजल बह रहा है। यह समस्या यहां के बूस्टर पंप पर नियुक्त कर्मचारी की लापरवाही के चलते हुई है। कर्मचारी शाम को बूस्टर पंप पर लगी मोटर चला कर सो गया। पूरी रात पंप चलने के चलते अंडर ग्राउंड वाटर टैंक भर गया और पानी ऊपर से निकलकर पहले पंप हाउस परिसर में भरा उसके बाद सड़क पर भर गया। पानी भरने से सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी हुई वहीं श्री राम मंदिर में पूजन करने के लिए आए भक्त भी परेशान हुए। केवल यही नहीं शहर में कुछ जगहों पर पाइप लाइन को ऊपर की ओर उठाया गया है। मुख्य पाइप लाइन के इस हिस्से में एयर प्रेशर वॉल्व लगाया जाता है ताकि पाइप फटे नहीं। एयर प्रेशर वॉल्व वाली जगहों पर पानी अव्यवस्था के कारण बहता रहता है, ऐसा रेलवे रोड में ¨चतपूर्णी मंदिर के पास एक प्वांइट है जहां लोग एयर प्रेशर वॉल्व के लिए बनी पाइप लाइन से नहाते धोते है ओर इसके बाद लगातार पानी बहकर सर्विस लेन की सड़क पर जमा होता है।

इस तरह पहुंचता है हमारे घरों में पेयजल

गुरुग्राम में पेयजल 70 किमी दूर सोनीपत के पास काकरोई से नहर के माध्यम से आता है। नहर बनाने का खर्च और रखरखाव का खर्च हमारे पानी पहुंचने में शामिल है। इसके बाद महंगे उपकरणों से इसकी सफाई होती है। प्लांट लगाने और रखरखाव का खर्च भी हटाते हैं। पानी की सफाई के लिए बिजली और पोटाश एलम जैसे कई रसायनों की दरकार होती है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक एक किलोलीटर पानी को साफ करने में नौ रुपये 26 पैसे का रोज का खर्च है। अचल इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्च हटा कर। जब यह पानी पाइप लाइन से हमारे घरों तक पहुंचता है तो उसका खर्च बिल के माध्यम से लोग चुकाते हैं।

पानी की बर्बादी कहीं सही नहीं है। चाहे वह किसी कर्मचारी की लापरवाही से हो या कॉलोनियों में गाड़ी धोने या घर धोने के लिए प्रयोग में लाया जाए। मैं इस घटना की जांच करुंगा, आगे इस तरह नहीं हो पंप आपरेटर से पूछा जाएगा।

-संदीप दहिया, कार्यकारी अभियंता हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण

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