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वटिका ग्रुप के डायरेक्टर गौतम भल्ला पर ED का शिकंजा, 154 करोड़ के घोटाले में अदालत ने 4 दिन की हिरासत में भेजा

Published: Wed, 30 Sep 2026 02:05 PM (GMT+05:30)

वटिका समूह के निदेशक गौतम भल्ला को गुरुग्राम की विशेष धनशोधन निवारण अदालत ने चार दिन की प्रवर्तन निदेशालय हिरासत में भेज दिया है।

गुरुग्राम का वटिका ग्रुप आया ED के रडार पर

गुरुग्राम का वटिका ग्रुप आया ED के रडार पर

HighLights

  1. गौतम भल्ला को गुरुग्राम अदालत ने चार दिन की ईडी हिरासत दी।

  2. मामला वटिका समूह के प्लॉट सौदों में धनशोधन से जुड़ा है।

  3. खरीदारों को प्लॉट डिलीवरी न होने और अनियमितताओं की जांच जारी।

संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम। वटिका समूह से जुड़े धनशोधन मामले में गुरुग्राम की विशेष धनशोधन निवारण अदालत ने समूह के निदेशक गौतम भल्ला को चार दिन की प्रवर्तन निदेशालय हिरासत में भेज दिया है।

अदालत ने जांच एजेंसी की 10 दिन की हिरासत की मांग को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए भल्ला को दो अक्टूबर को दोपहर तीन बजे अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है। यह आदेश सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष न्यायाधीश नरेंद्र सूरा ने 29 सितंबर को सुनाया।

प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत को बताया कि वटिका समूह से जुड़े प्लॉट की खरीद-बिक्री और खरीदारों से प्राप्त रकम के लेन-देन की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी के अनुसार दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने वटिका लिमिटेड, अनिल भल्ला और गौतम भल्ला के विरुद्ध वर्ष 2026 में पांच प्राथमिकी दर्ज की हैं। इनमें वटिका इंडिया नेक्स्ट और वटिका इंडिया नेक्स्ट-2 परियोजनाओं से जुड़े प्लॉट के सौदे शामिल हैं।

कई मामलों में प्लॉट की डिलीवरी नहीं हुई पूरी

अदालत के आदेश के अनुसार, जांच एजेंसी का आरोप है कि कई खरीदारों ने आवासीय प्लॉट के लिए वर्ष 2010 से 2012 के बीच बड़ी रकम अग्रिम रूप से दी थी, लेकिन कई मामलों में प्लॉट की पूरी डिलीवरी नहीं हुई। एक मामले में 57,942 वर्ग गज जमीन के लिए पूरी रकम लेने के बाद भी प्लॉट की डिलीवरी नहीं होने का आरोप है।

दूसरे मामले में करीब 88,835 वर्ग गज जमीन से जुड़े सौदे में लगभग 90 करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने और कुछ प्लॉट की डिलीवरी नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

एक अन्य मामले में जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि स्केलर वेंचर्स ने 165 आवासीय प्लॉट के लिए करीब 473.18 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। इनमें से 15 प्लॉट वापस खरीदे गए, जबकि शेष प्लॉट में से कम से कम 14 को बाद में तीसरे पक्ष को बेचने का आरोप है। आदेश के अनुसार इस मामले में अपराध से अर्जित रकम करीब 154.36 करोड़ रुपये आंकी गई है।

आरोपी करता रहा है जांच में सहयोग

प्रवर्तन निदेशालय ने 25 अगस्त को वटिका समूह से जुड़े परिसरों में तलाशी की थी। जांच एजेंसी के अनुसार तलाशी के दौरान आभूषण, वाहन और बैंक खातों तथा सावधि जमा से जुड़ी रकम के दस्तावेज मिले और कुछ खातों को फ्रीज किया गया।

अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी को बैंक रिकॉर्ड, दर्ज बयानों और तलाशी में मिले दस्तावेजों के आधार पर आरोपी से पूछताछ की आवश्यकता है। इसी आधार पर चार दिन की हिरासत मंजूर की गई। आरोपी पक्ष ने आरोपों का विरोध करते हुए मामले को गलत बताया और कहा कि संबंधित लेन-देन पुराने हैं तथा आरोपी जांच में सहयोग करता रहा है।

अदालत ने हिरासत के दौरान गौतम भल्ला को प्रतिदिन सुबह 10 से 11 बजे तक अपने वकील से मिलने की अनुमति दी है। साथ ही चिकित्सकीय जांच और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा तथा विशेष आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।