जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआइ) ने रेपो दर को इस बार भी अपरिवर्तित ही रखा है। इसका रियल एस्टेट सेक्टर ने स्वागत किया है। बिल्डरों द्वारा आरबीआइ के इस निर्णय का स्वागत किया है। इनका कहना है कि यह निर्णय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाला और इस सेक्टर में सुधार लाने वाला साबित हो रहा है।

360 रियल्टर्स के एमडी अंकित कंसल का कहना है कि रियल एस्टेट सेक्टर एक मजबूत बढ़त के लिए तैयार है। इस सेक्टर में देश के अधिकतर प्रमुख बाजारों में बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। उद्योग ने पिछले साल में कम होम लोन दरों की व्यवस्था का लाभ उठाया है। रहेजा डेवलपर्स के नयन रहेजा का कहना है कि नए वित्त वर्ष की पहली बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक ने 11वीं बार रेपो रेट को चार प्रतिशत पर बरकरार रखा है। वहीं रिवर्स रेपो रेट को 0.40 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.75 प्रतिशत कर दिया है। इस फैसले से ईएमआइ पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस निर्णय का अचल संपत्ति उद्योग पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा। हाउसिग डाटकाम तथा प्रापटाइगर डाटकाम के ग्रुप सीईओ ध्रुव अग्रवाला का कहना है कि मुद्रास्फीति दबाव बढ़ने के बावजूद आरबीआइ ने अपने सहायक ²ष्टिकोण को जारी रखा है। देश का रियल एस्टेट क्षेत्र लगातार सुधार की ओर बढ़ रहा है और इस तरह की नीति आगे मदद करेगी। आरबीआइ ने 11वीं बार रेपो रेट को अपरिवर्तित रखा है। यह रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए अनुकूल होगा क्योंकि इससे सुधार की दिशा में लगातार कदम बढ़ते रहेंगे। आरबीआइ का ²ष्टिकोण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और सभी हितधारकों के लिए सकारात्मक वातावरण बनाना है।

रजत गोयल, संयुक्त प्रबंध निदेशक, एमआरजी व‌र्ल्ड आरबीआइ का उदार ²ष्टिकोण निश्चित रूप से घर खरीदारों में विश्वास के पुनर्निर्माण का काम करेगा। इससे आवास की मांग तेजी से बढ़ेगी। हाउसिग बाजार में निरंतर सुधार की संभावना इससे और प्रबल होगी।

प्रदीप अग्रवाल, संस्थापक और अध्यक्ष, सिग्नेचर ग्लोबल इंडिया लिमिटेड

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