पूनम, गुरुग्राम

शहर में जमीन से कम ऊंचाई पर लगाए गए ट्रांसफार्मर खतरनाक हो सकते हैं। बहुत सारे ट्रांसफार्मर और उसके एलटी फ्यूज इतने नीचे हैं कि कोई भी उसे छू सकता है। कोई जानवर उस फ्यूज और अर्थिंग के तार से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है। बारिश के दिनों में कम ऊंचाई पर लगाए गए ट्रांसफार्मर खतरनाक साबित हो सकते हैं। कुछ साल पहले राजेंद्रा पार्क इलाके में ट्रांसफार्मर के पास जलभराव के दौरान करंट लगने से एक बच्चे की मौत हो गई थी। जानवर भी दुर्घटना ग्रस्त हो सकते हैं। इस खतरे को लेकर लोगों ने बिजली निगम को शिकायत दी है। शहर के कई ट्रांसफार्मर और उसके फ्यूज और अर्थिंग के तार इतनी ऊंचाई पर है कि कोई बच्चा भी उसे छू सकता है। उसके फ्यूज की ऊंचाई काफी कम रहती हैं। ग्रामीण इलाकों में सघन बसी हुई पतली गलियों वाली कॉलोनियों में इससे कोई भी वाहन टकरा सकता है और बड़ी दुर्घटना हो सकती है। नीचे लगे ट्रांसफार्मर को लेकर आरटीआइ एक्टिविस्ट जगजीत ¨सह वालिया बताते हैं कि उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की तो उनका जवाब था कि ट्रांसफार्मर में गड़बड़ी होने पर कर्मचारी को सीढ़ी लेकर जाना पड़ता है, इसलिए नीचे लगाए गए हैं। फंड की कमी बताई गई। ऐसे खतरनाक मामले में इतनी लापरवाही ¨चता जनक है। आप पांच लाख ट्रांसफार्मर लगाने में खर्च कर सकते हैं, पांच हजार लगाकर से ऊंचा नहीं कर सकते। नियमों के अनुसार ट्रांसफार्मर और एलटी फ्यूज अर्थिंग को एक निर्धारित ऊंचाई पर होना चाहिए, ताकि किसी जानवर या बच्चे को इससे खतरा नहीं हो। मैंने घाटा, सेक्टर 46 समेत कई इलाकों के नीचे लगे ट्रांसफार्मर और फ्यूज की तस्वीरें विभाग को उपलब्ध कराई थी। फिर, आरटीआइ लगाई मगर उसमें भी समाधान नहीं मिला।

इस संबंध में बिजली निगम के एसई केसी अग्रवाल का कहना है कि शहर में ट्रांसफार्मर ऊंचाई पर है, अगर कहीं नीचे लगा है तो हमें सूचना दी जाए हम लोग उसे ऊंचा करा देंगे। जितने नए ट्रांसफार्मर लगे हैं, वे इतनी ऊंचाई पर है कि उनसे कोई बच्चा या जानवर टकराकर दुर्घटना ग्रस्त नहीं हो सकता।

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गुरुग्राम ही नहीं पूरे हरियाणा में यह समस्या है। मैंने आरटीआइ के माध्यम से यह जानकारी मांगी थी मगर मुझे बताया गया कि ऐसा कोई ट्रांसफार्मर या एलटी फ्यूज नहीं है जो जमीन के करीब हो। एलटी फ्यूज को लेकर बिजली निगम की शिकायत समिति या ट्रांसफार्मर व बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच के लिए बिजली निगम की एक टीम भी है। जो इनके खतरों से बचाव के कार्य संबंधित रिपोर्ट देती है मगर अभी तक वह भी सक्रिय नहीं है। एलटी फ्यूज का नीचे होना बहुत खतरनाक है। मेरी आरटीआइ के जवाब में लिखा है कि स्मार्ट सिटी योजना में 440 केवीए के ट्रांसफार्मर को हटाए जाने की बात तो है मगर एलटी फ्यूज की ऊंचाई बढाने की कोई योजना इसमें नहीं है। इनका जवाब है कि जहां खतरनाक स्थिति है, वहां डेंजर प्लेट लगाई गई है मगर वास्तव में ऐसा नहीं है।

-जगजीत ¨सह वालिया, आरटीआइ एक्टिविस्ट

ट्रांसफार्मर में लगे नीचे फ्यूज लगे होते हैं, अर्थिंग के तार जुड़े होते हैं। ये काफी खतरनाक है। हमलोगों ने भी डीएचबीवीएन से कहा है। इसके चारों ओर घेराबंदी की जानी चाहिए ताकि कोई वाहन या जानवर टकरा सकता है। सुरक्षा के उपाय जरूरी है। अभी भी बहुत सारे पुराने ट्रांसफार्मर और उनके फ्यूज नीचे हैं।

-वीरेंद्र त्यागी, पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सेक्टर 47

Posted By: Jagran