जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: प्राइवेट कॉलोनाइजरों द्वारा विकसित रिहायशी कालोनियों को नगर निगम के अधीन करने व अनाधिकृत कालोनियों को अधिकृत कालोनियों में शामिल कर इनमें विकास कार्य कराने और सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का मामला विधानसभा में उठाया जाएगा। गुरुग्राम विधायक उमेश अग्रवाल ने विधानसभा के मौजूदा विधानसभा सत्र में इन मामलों को चर्चा में शामिल करने के लिए सूचीबद्ध कराया है।

विधायक का कहना है कि प्राइवेट कॉलोनाइजर द्वारा विकसित कराई गई कालोनियों को नगर निगम में शामिल न करने और अनधिकृत कालोनियों को अप्रूव न करने से इन कालोनियों में रह रहे लोगों को सभी नागरिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उल्लेखनीय है कि गुरुग्राम में प्राइवेट कॉलोनाइजरों द्वारा दर्जनों रिहायशी कॉलोनियां विकसित की गई हैं। डीएलएफ द्वारा लगभग आधा दर्जन फेस में विकसित की गई कॉलोनियां अंसल द्वारा विकसित साउथ सिटी-वन व टू के अलावा आरडी सिटी, सन सिटी, मेफील्ड गार्डन आदि सहित दर्जनों बहुमंजिला रिहायशी कॉलोनियां शामिल हैं। दर्जनों कॉलोनियां ऐसी हैं जो अभी भी सीवर लाइन से नहीं जुड़ी हैं। इन अधिकांश कालोनियों में रह रहे लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए बिल्डर पर निर्भर हैं जो उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं का मनमाना शुल्क वसूल कर रहे हैं। प्राइवेट कालोनियों में रह रहे लोग अनेक बार अपनी कालोनियों को नगर निगम में शामिल कराने की गुहार लगा चुके हैं।

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