जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (डूसू) चुनाव की वो¨टग 12 सितंबर को होगी। चुनाव में साइबर सिटी के सात हजार से ज्यादा विद्यार्थी विभिन्न दलों के प्रत्याशियों के भाग्य का निर्धारण करेंगे। यह छात्र संघ चुनाव राष्ट्र को जोड़ने वाले विरुद्ध राष्ट्र को तोड़ने वालों के बीच है, इसलिए विद्यार्थियों को राइट टू रिजेक्ट के बजाय राइट टू इलेक्ट को ध्यान में रखना होगा। यह कहना था अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के हरियाणा प्रदेश मंत्री सुनील भारद्वाज का। वे न्यू पीडब्लयूडी रेस्ट हाउस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

पिछले एक वर्षों में छात्र प्रतिनिधियों द्वारा डीयू परिसरों व छात्र हितों में किए गए कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि संगठन के सदस्य खर्चा और पर्चा की राजनीति के बजाय जमीनी स्तर पर सुधार को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। वहीं विभाग संयोजक मयंक निर्मल ने कहा कि संगठन छात्र संघ का चुनाव मेट्रो किराए में रियायत, शहर के विद्यार्थियों के लिए डीटीसी बसों के पास या स्पेशल बस, छात्राओं की सुरक्षा, वन कोर्स वन फीस, खेल सुविधा मुहैया कराने और रिसर्च स्कॉलर्स के लिए छात्रवृत्ति बढ़ाए जाने जैसे मुद्दों पर लड़ रही है। करीब डेढ़ घंटा चले कार्यक्रम में एबीवीपी के जिला संयोजक हिमांशु वर्मा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य लोकेश कटारिया, छात्रा नेता शिवानी वर्मा, पारिजात पांडे समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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