जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: भ्रष्टाचार के एक मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप दुग्गल की अदालत ने आरोपित सब इंस्पेक्टर अजमेर ¨सह को दोषी ठहराने के बाद शुक्रवार को पांच साल कैद की सजा सुना दी। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि नहीं जमा करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।

सरकारी अधिवक्ता जगबीर सहरावत ने बताया कि सब इंस्पेक्टर को 16 जून 2015 को स्टेट विजिलेंस की टीम ने एक व्यक्ति से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। उस समय अजमेर ¨सह खांडसा रोड पुलिस चौकी के प्रभारी था। एक महिला ने छेड़छाड़ की शिकायत दी थी। इसके बाद मामला रद कराने के लिए आरोपित ने प्रभारी के साथ 50 हजार रुपये में बातचीत की। 40 हजार रुपये दे दिए गए थे। 10 हजार रुपये देने को लेकर बात बिगड़ गई। इसके बाद आरोपित ने विजिलेंस में शिकायत कर दी थी। शिकायत मिलते ही पैसे देकर शिकायकर्ता को सब इंस्पेक्टर के भेजा था। जैसे ही शिकायतकर्ता ने पैसे पकड़े, वैसे ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। दोषी मंगलवार को ठहराया गया था। सजा शुक्रवार को सुनाई गई।

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