जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: साइबर सिटी के बाजारों में रविवार को भारी रौनक देखने को मिली। ग्राहकों द्वारा करवाचौथ और दीपावली की जमकर खरीदारी की जा रही है। खरीदारों के इस रुझान को देखकर कारोबारियों के चेहरे खुशी से दमक रहे हैं। उनका कहना है कि यदि ऐसा ही वातावरण बना रहा तो दीपावली तक अच्छा खास कारोबार हो जाएगा। कुछ मिलाकर व्यापारी वर्ग के लिए पिछले साल के फेस्टिवल सीजन से इस बार का सीजन अधिक उत्साहजनक दिख रहा है। होम डेकोरेशन से संबंधित चीजों की भरपूर डिमांड है। एमजी रोड और सोहना रोड स्थित सभी माल, सदर बाजार, सेक्टर-चार, सेक्टर-14, सेक्टरा-31, गलेरिया मार्केट, हांगकांग बाजार, सुशांत लोक स्थित व्यापार केंद्र व पालम विहार मार्केट में बड़ी संख्या में ग्राहक उमड़े। दोपहर को कुछ समय के लिए हुई तेज बारिश भी ग्राहकों के उत्साह को नहीं तोड़ सकती।

फेस्टिवल सीजन के दूसरे रविवार को सुबह से लेकर देर शाम तक बाजारों में खरीदारी का दौर चलता हर। इस समय महिलाओं द्वारा करवाचौथ को लेकर सबसे अधिक खरीदारी की जा रही है। करवाचौथ पूजन की सामग्रियों की मांग तेजी से बढ़ गई है। इसे लेकर बाजार की दुकानें सजी हुई है। कपड़ा कारोबारियों का कहना है कि कवाचौथ को लेकर साड़ी और सूट की मांग बढ़ गई है। पिछले दो दिन से सबसे अधिक ग्राहक इसी के आ रहे हैं। इनका कहना है कि पिछले बार कारोबार काफी ठंडा था अबकि बाजार ग्राहकों की संख्या काफी बढ़ गई है। सदर बाजार के कपड़ा कपड़ा कारोबारी चंदन का कहना है कि साड़ियों की मांग में पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत तक की वृद्धि है। वहीं सिले-सिलाये सूट और सूट के लिए कपड़ों की मांग बढ़ी है। इनका कहना है कि ग्राहकों को वाजिब मूल्य पर यह सब कुछ बेचा जा रहा है।

सेक्टर-14 मार्केट के कपड़ा कारोबारी प्रमोद बंसल का कहना है कि बाजार में उठने का सबसे बड़ा कारण कोरोना संक्रमण में कमी का आना है। यदि मामले बढ़ने लगते तो बाजार में इस प्रकार का उत्साह देखने को नहीं मिलता जिस प्रकार से अब मिल रहा है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी कोरोना के मामले नियंत्रित रहेंगे। सदर बाजार व माल के कारोबारियों का कहना है कि घरों को सजाने लिए आर्टीफीशियल फूलों की भरपूर डिमांड है। पेंटिग्स, मग, आर्टीफीशियल ट्री, पिलो, पर्स, आर्टीफीशियल ज्वेलरी और गिफ्ट आइटम को खरीदने वालों की संख्या बढ़ी है। होम डेकोरेशन से संबंधित सामानों के कारोबारी लवली आहूजा का कहना है कि अब मांग तेजी से बढ़ रही है।

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