संदीप रतन, गुरुग्राम

साइबर सिटी में कूड़ा कलेक्शन भी अब स्मार्ट तरीके से होगा। यहां घरों पर क्यूआर (क्विक रिस्पांस) कोड लगा जा रहे हैं, जिनके जरिये अधिकारी दफ्तर में बैठे-बैठ ही जान जाएंगे कि घर से कूड़ा उठाया गया है या नहीं। इतना ही नहीं घर पर कूड़ा उठाने वाली गाड़ी पहुंचने से पहले ही निवासी के मोबाइल पर मैसेज आ जाएगा। यह कदम हर नियमित रूप से डोर टू डोर कचरा कलेक्शन सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है।

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक यह शुरुआत की जा रही है। क्यूआर कोड घरों पर लगाने वाला गुरुग्राम प्रदेश का पहला शहर होगा। पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर इसकी शुरुआत गुरुग्राम नगर निगम के वार्ड-25 से हो चुकी है। यहां 66 घरों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। बता दें कि गुरुग्राम में 35 वार्ड हैं और यहां से करीब 900 मीट्रिक टन कचरा रोजाना निकलता है। स्वच्छता एप से लिक होगा क्यूआर कोड

क्यूआर कोड को स्वच्छता एप से लिक किया जाएगा। स्वच्छता एप का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। इस एप पर स्वच्छता से संबंधित शिकायत करने के साथ ही फीडबैक भी दिया जा सकता है। स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान भी इस एप के उपयोग पर जोर दिया गया था।

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ऐसे काम करेगा क्यूआर कोड

क्यूआर कोड को स्वच्छता एप से लिक किया जाएगा। घरों से कूड़ा उठाने वाले सबसे पहले घर के बाहर लगे क्यूआर कोड को मशीन से स्कैन करेगा। इससे यह पता लगेगा कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ी सभी घरों पर पहुंची थी। इससे यह भी जानकारी मिलेगी कि किस घर से सेग्रीगेटेड कचरा यानी गीला व सूखा कचरा अलग-अलग दिया गया। सिस्टम में पहले से दर्ज नागरिकों के मोबाइल नंबर पर कूड़ा उठाने का अलर्ट भी मिलेगा। क्यूआर कोड लगाने की शुरुआत नगर निगम के वार्ड-25 से की गई है। यह अभी पायलट प्रोजेक्ट है। इसके बाद पूरे शहर में इसे लागू किया जाएगा।

- इंद्रजीत कुल्हड़िया, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम गुरुग्राम।

Posted By: Jagran

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