जागरण संवाददाता, गुरुग्राम : सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने के खिलाफ भारत बचाओ नामक संगठन के संयोजक विक्रम यादव ने सोमवार से लघु सचिवालय के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शुक्रवार तक उनकी मांग नहीं मानी तो वो आत्मदाह कर लेंगे। अनशन का समर्थन करने के लिए स्वामी यति नरसिहानंद सरस्वती, स्वामी यति र¨वद्रनंदन सरस्वती, बाबा परमेंद्र आर्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता विजय यादव पहुंचे।

पिछले कुछ महीनों से सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने के खिलाफ ¨हदू संगठन विरोध कर रहे हैं। यही नहीं कई निजी स्थानों पर भी नमाज पढ़े जाने को लेकर विरोध है। वर्तमान में शीतला कालोनी में नमाज पढ़े जाने को लेकर दोनों समुदाय के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। ¨हदू संगठनों का कहना है कि शीतला कालोनी में जहां नमाज पढ़ी जा रही है वह घर है, जबकि मुस्लिम संगठनों का दावा है कि घर नहीं बल्कि मस्जिद ही है।

विक्रम यादव का कहना है कि प्रशासन ने कहा था कि रमजान के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज सार्वजनिक स्थानों पर नहीं पढ़ेंगे। रमजान के महीने के जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है। यही नहीं प्रशासन ने 37 स्थानों पर नमाज पढ़ने की स्वीकृति दे रखी है। यह कहां तक उचित है? इस बारे में जिला उपायुक्त विनय प्रताप ¨सह का कहना है कि अस्थायी तौर पर ही 37 स्थानों पर नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई है, स्थायी तौर पर नहीं। घर है या मस्जिद जांच जारी

शीतला कालोनी में जहां पर नमाज पढ़ी जा रही है वह घर या मस्जिद, इस बारे में प्रशासन की ओर से जांच जारी है। वैसे सूत्र बताते हैं कि अब तक की जांच में यह साफ हो चुका है कि जो निर्माण है वह घर की तरह है लेकिन इस्तेमाल मस्जिद के रूप में किया जा रहा है। इधर, तहसीलदार संजीव ¨सगला का कहना है कि पूरी रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।

Posted By: Jagran