संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम : सेक्टर-79 स्थित मेप्सको माउंट विल्ले सोसायटी में घटिया रखरखाव को लेकर रविवार को निवासी और देखरेख करने वाली एजेंसी के प्रतिनिधि आमने-सामने हो गए। बीते कई दिनों से सोसायटी में रखरखाव की हालत को लेकर लोग जेएलएल एजेंसी को शिकायत कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। रविवार को निवासियों और एजेंसी प्रतिनिधियों के बीच जमकर कहासुनी हुई और लोगों ने सुविधाएं ठीक करने तक रख-रखाव शुल्क बंद करने का फैसला लिया है।

सोसायटी में कुल 756 फ्लैट हैं और वर्तमान में 500 से अधिक परिवार यहां रह रहे है। सोसायटी को जून 2020 में ओक्यूपेशन सर्टिफिकेट मिला और दिसंबर में लोगों को फ्लैटों के कब्जे मिलें। निवासी धीरेन्द्र सिंह का कहना है कि सोसायटी में निवासियों की परेशानियां दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं, पिछले सप्ताह ही लोगों ने बिजली और पानी की समस्या को लेकर सोसायटी में प्रदर्शन किया था। रविवार को रख-रखाव की बदतर हालात को लेकर मेप्सको बिल्डर प्रबंधन और रख-रखाव एजेंसी जेएलएल के खिलाफ एक बार फिर सोसायटी में लोग एकजुट हुए। निवासियों का आरोप है कि सोसायटी में साफ-सफाई व्यवस्था, कूड़ा उठान की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। जेएलएल एजेंसी की तरफ से नवंबर 2021 से सोसायटी में रख-रखाव का जिम्मा संभाला है लेकिन तब से सुविधाओं का स्तर लगातार नीचे गिर रहा है। बिल्डर ने लग्जरी सोसायटी बताकर फ्लैट बेचे थे लेकिन निवासियों के पीछे कुत्ते पड़ जाना, टावर एवं सीढि़यों में सफाई व्यवस्था, स्वीमिग पूल से पानी भरकर काम चलाना इत्यादि समस्याएं व्याप्त हैं, जिन पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।

साक्षी सेठ, निवासी पिछले दस दिनों में जगह-जगह से पानी के पाइप लाइनों में लीकेज है, समय पर रिपेयरिग न होने से बेसमेंट में पानी जाकर जमा हो जाता है। इसके चलते गंदगी और मच्छर फैल रहे हैं। इन मुद्दों का समाधान करने में एजेंसी फेल साबित हुई है।

मोहित वर्मा, निवासी पिछले एक सप्ताह से स्वीमिग पूल बुरी हालत में है और चालू भी नहीं है। 4.36 रुपये प्रति वर्ग फीट रख-रखाव शुल्क देने के बाद भी बदतर सुविधाएं मिल रही है। अब 1.05 रुपये रख-रखाव शुल्क बढ़ाने का भी दबाव बनाया जा रहा है।

राकेश शर्मा, निवासी बिल्डर को ओसी के समय बिजली कनेक्शन का आवेदन करना था, निवासियों के काफी दबाव के बाद अभी कुछ सप्ताह पहले ही प्रबंधन ने बिजली के स्थायी कनेक्शन के लिए आवेदन किया है। इसकी वजह से निवासियों को बिजली की किल्लत भी झेलनी पड़ रही है।

निकिता, निवासी

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