जागरण संवाददाता, मानेसर : गांव ढाणा के ग्रामीण बिजली के बिल अधिक आने पर भड़क गए। सोमवार को लोगों ने बिजली निगम के कार्यालय में जाकर अधिकारियों और कर्मचारियों को खरी खोटी सुनाई। ग्रामीणों का कहना था कि पहले गांव में हर महीने बिजली का बिल दिया जाता था लेकिन इस बार दो महीने का बिल दिया है। पहले ग्रामीणों के पास अधिकतम 10 हजार रुपये तक का बिल आता था लेकिन इस बार 96 हजार रुपये का बिल ग्रामीणों को सौंपा गया है। गांव के सरपंच प्रवीण धनखड़ ने बताया कि लोगों में बिजली निगम के प्रति काफी रोष है। यूनिट के मूल्यों से अधिक बिजली का बिल बनाया गया है।

सोमवार को करीब 12 से अधिक ग्रामीण बिजली निगम मानेसर के कार्यालय में पहुंचे और अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर हमारी समस्या का समाधान नहीं होता है तो गांव के किसी भी घर से बिजली का बिल नहीं भरा जाएगा। इसी दौरान कई बार ग्रामीणों की कर्मचारियों के साथ कहासुनी भी हुई। गांव के लोगों का कहना था कि अगर ग्रामीण गलती करें तो बिजली निगम कार्रवाई करता है लेकिन अब बिजली निगम ने गलती है की है तो क्या कार्रवाई की जाए। इसका जवाब किसी भी अधिकारी और कर्मचारी के पास नहीं मिला। ग्रामीणों ने कहा कि अगर इस गलती पर ध्यान न दिया जाए तो हर महीने बिजली निगम द्वारा अधिक बिल लिया जा सकता है। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा और आगे से इस तरीके की गलती पर ध्यान दिया जाएगा। इसके बाद ही ग्रामीण कार्यालय से घर की तरफ गए।

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