जागरण संवाददाता, गुरुग्राम :

गुरुग्राम पुलिस मुख्यालय में बुधवार को चाइल्ड फ्रेंडली जोन पहल का उद्घाटन पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार ने किया। प्रदेश का यह पहला ऐसा केंद्र है, जहां पीड़ित बच्चों के लिए एक अलग केंद्र बना है। पुलिस मुख्यालय कोई भी पीड़ित बच्चा आएगा तो उसे इस कमरे में रखा जाएगा।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि पुलिस के पास आने वाले बच्चों से उनके अनुकूल माहौल में उनसे बात की जा सके और उन पर कोई मनोवैज्ञानिक दबाव न हो ऐसी सुविधा इस केंद्र में होगी। बड फाउंडेशन ने इस खास कमरे को तैयार किया है।

पुलिस आयुक्त की विदाई का समारोह भी मुख्यालय में था। अपना पद भार नए पुलिस आयुक्त केके राव को सौंपने से पहले संदीप खिरवार ने पहल केंद्र का शुभारंभ किया। यह उनकी ही परिकल्पना थी। इस मौके पर उनकी पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार की पत्नी पंचकूला की पुलिस आयुक्त चारु बाली भी मौजूद थीं। इसके अलावा एसीपी पंखुड़ी और अन्य पुलिस अधिकारी भी यहां मौजूद थे। बड फाउंडेशन की डायरेक्टर दिव्या वैष्णव ने बताया कि इसके पहले महिला पुलिस थाने बच्चों के लिए एक जगह फुलवारी बनाई गई थी। इसमें सभी बच्चों के अनुकूल व्यवस्था है, चाहे किसी महिला पुलिस कर्मी का साथ आया बच्चा हो या पूछताछ के लिए लाया गया पीड़ित बच्चा। पुलिस मुख्यालय में पूछताछ और जांच पड़ताल के लिए बच्चे आते रहते हैं। पहल प्रोजेक्ट के माध्यम से न केवल पीड़ित बच्चों की बेहतरी के लिए काम होगा बल्कि बच्चों को विभिन्न किस्म के शोषण से बचाने के प्रयास इसके तहत होंगे। बड़ा से बड़ा पुलिस अधिकारी, काउंसलर बच्चे से पूछताछ के लिए पहल केंद्र में ही आएंगे। बच्चा उनके चैंबर में नहीं जाएगा। इस कमरे में एक बुक सेल्फ में किताबें, ड्रांइग और पें¨टग के सामान रखे गए हैं। बच्चे के आराम की चीजें रखी गई। दिव्या ने कहा कि हमलोग यहां बच्चों के लिए शोषण मुक्त समाज बनाने के लिए सेंसेटाइजेशन कार्यक्रम और वर्कशाॉप भी करेंगे।

Posted By: Jagran

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