राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़ :

राजीव गाधी चैरिटेबल ट्रस्ट (आरजीसीटी) की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) व टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। मामले की सुनवाई के दौरान ट्रस्ट के वकील ने बेंच को बताया उन्होंने कंपाउंडिंग फीस व एनओसी के लिए आवेदन किया हुआ है, लेकिन टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग का कहना है कि एनओसी व अन्य अब उसके दायरे में नहीं आता। अब यह सब गुरुग्राम मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के अधिकार क्षेत्र में है। याची ने हाई कोर्ट को बताया कि अभी तक सरकार ने ट्रस्ट को आक्यूपेशन सर्टिफिकेट व अन्य किसी तरह के प्रमाण पत्र जारी नही किए हैं।

याचिका के अनुसार, राजीव गाधी चैरिटेबल ट्रस्ट कोई मुनाफा कमाना वाला ट्रस्ट नही हैं। यह ट्रस्ट गरीबों के लिए उल्लावास में 200 बेड का आख का अस्पताल बनाया है। इतना ही नही सरकार ने ट्रस्ट की आक्यूपेशन सर्टिफिकेट देने की दूसरी अपील पर भी अभी तक कोई निर्णय नही लिया है। याचिका में माग की गई है कि हाईकोर्ट प्रतिवादी पक्ष को निर्देश दे कि वो उसकी आक्यूपेशन व अन्य सर्टिफिकेट देने की अपील पर निर्णय ले। याची ने कोर्ट को बताया कि गुरुग्राम मेट्रोपोलिटन डेवेलपमेंट अथारिटी उसकी याचिका में प्रतिवादी नही थी इस लिए अब वह याचिका में गुरुग्राम मेट्रोपोलिटन डेवेलपमेंट अथारिटी को भी प्रतिवादी बनाना चाहता है। याची का पक्ष सुनने के बाद हाई कोर्ट ने इस मामले में गुरुग्राम मेट्रोपोलिटन डेवेलपमेंट अथारिटी व टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

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