संदीप रतन, गुरुग्राम

मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास होने के बाद पार्षदों के जोड़-तोड़ का खेल शुरू हो गया है। मंगलवार को नगर निगम सदन की बैठक का बहिष्कार कर तीनों मेयर के खिलाफ मंडल आयुक्त को अविश्वास प्रस्ताव पत्र सौंपा गया था, तब से बैठकों का दौर चल रहा है। बृहस्पतिवार को लंच के बहाने शहर में तीन जगह पर पार्षदों ने राजनीति की खिचड़ी पकाई।

डीएलएफ फेज-4 के सिटी क्लब में मेयर गुट ने बैठक की और इसमें दावा किया जा रहा है कि तीनों मेयर के अलावा भी कई पार्षद पहुंचे थे। उधर, फाजिलपुर के एक फॉर्महाउस में पहले से ही तय लंच पार्टी के बहाने अविश्वास प्रस्ताव पास करने वाले पार्षदों ने बैठक की और आगामी रणनीति तैयार करते हुए अविश्वास प्रस्ताव के लिए 24 पार्षदों को एक धड़े में शामिल करवाने पर मंथन किया। अविश्वास प्रस्ताव पास करने वाले गुट का दावा है कि फाजिलपुर की लंच पार्टी में 18 पार्षद पहुंचे थे।

बता दें कि गुरुग्राम नगर निगम में कुल 35 पार्षद हैं और मेयर को हटाने के लिए 24 पार्षदों का एकजुट होना जरूरी है। हर माह सदन की बैठक नहीं होने, पुराने एजेंडा सिरे नहीं चढ़ने जैसे मुद्दों पर पार्षद नाराज हैं और तीनों मेयर को हटवाने के लिए 19 पार्षद अविश्वास प्रस्ताव पर मुहर लगा चुके हैं।

जो दोनों जगह नहीं गए वो एक पार्षद के कार्यालय पहुंचे

गुरुग्राम गांव क्षेत्र के पार्षद कार्यालय में भी पार्षदों ने बैठक की। डीएलएफ सिटी क्लब, फाजिलपुर की लंच पार्टी में शामिल नहीं होने वाले पांच से छह पार्षद वार्ड 8 (गुरुग्राम गांव) के पार्षद दिनेश सैनी के कार्यालय में बैठक करने के लिए पहुंचे। दिनभर पार्षद एक-दूसरे से इन बैठकों की जानकारी लेते रहे। ऐसी भी सूचना है कि दो से तीन पार्षद अभी भी न्यूट्रल मोड में है और पूरी तरह से पार्टी भगत बनकर हाईकमान के आदेशों का इंतजार कर रहे हैं।

- मेयर बोलीं, किटी पार्टी कर रहे थे

मेयर मधु आजाद, सीनियर डिप्टी मेयर प्रोमिला कबलाना, डिप्टी मेयर सुनीता यादव ने डीएलएफ फेज-4 के सिटी क्लब में लंच पर अपने पक्ष के पार्षदों को बुलाया था। कुछ पार्षद लंच पर पहुंचे थे तो कुछ देरी से पहुंचे थे। सिटी क्लब में हुई इस बैठक के बारे में जब मेयर मधु आजाद से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि क्लब में महिला पार्षदों की किटी पार्टी थी, जो कि हम कई बार करते हैं। लेकिन खास बात यह है कि इस बैठक में वार्ड पार्षद विरेंद्र राज सहित कई अन्य पार्षद व नए गुरुग्राम के एक पार्षद के पिता भी पहुंचे थे। 24 पार्षद एक मंच पर लाना बना चुनौती

तराजू में मेंढक तौलने जैसी स्थिति आजकल नगर निगम सदन में बनी हुई है। तीनों मेयर को हटवाने के लिए 24 पार्षदों का समर्थन चाहिए। हालांकि विपक्ष में अभी भी जोश बरकरार है, लेकिन कुछ पार्षद पार्टी की मजबूरी बताकर डावांडोल स्थिति में हैं। ऐसे में तीनों मेयर को हटाने का समर्थन करने वाले, मेयर की कुर्सी बचाने वाले और पार्टी धर्म पर चलने वाले पार्षदों के तीन गुट बन गए हैं लेकिन फिलहाल मेयर की कुर्सी से संकट टला नहीं है। डीएलएफ सिटी क्लब में महिला पार्षदों की किटी पार्टी थी, किसी तरह की कोई बैठक नहीं की गई।

मुध आजाद, मेयर। -18 पार्षदों ने फाजिल्पुर में मिलकर बैठक की है। सभी पार्षदों के विचार सुने गए हैं और कुल 24 पार्षद का एकजुट होना जरूरी है।

आरएस राठी, पार्षद -डीएलएफ सिटी क्लब में मेयर द्वारा बुलाई गई बैठक में मैं पहुंचा था। तीनों मेयर को हटाने के पक्ष में मैं नहीं हूं, इसी तरह कुछ अन्य पार्षद भी इसके समर्थन में नहीं हैं।

विरेंद्र राज, पार्षद।

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