नई दिल्ली/गुरुग्राम/फरीदाबाद, जागरण न्यूज नेटवर्क। राज्य सरकार के आदेश पर दिल्ली से सटे हरियाणा के शहरों में शुक्रवार से कक्षा 6 से 8वीं तक के छात्र-छात्राओं लिए स्कूल खुल जाएंगे। इससे पहले 16 जुलाई से 9वीं से लेकर 12वीं कक्षा तक स्कूल खुले हुए हैं। सरकार के आदेश के तहत छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल आना अनिवार्य नहीं है, जबकि पूर्व की तरह ही ऑनलाइन क्लास का विकल्प खुला है। स्कूल आने के बाद अभिभावकों पर दबाव नहीं डाला जाएगा। ऑफलाइन कक्षाएं ले रहे शिक्षक छात्रों को वाट्स-ऐप और गूगल मीट पर लिंक भी भेजेंगे। इससे वह कक्षा में पढ़ाए जा रहे विषय का अध्ययन कर सकेंगे।

स्कूलों को कोविड-19 संबंधी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा। बता दें कि अप्रैल के महीने में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान हरियाणा में सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया था। इसके बाद 16 जुलाई से 9वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूल खुले हैं इसके बाद शुक्रवार से 6वीं से 8वीं तक स्कूल खोले जा रहे हैं।

स्कूल भेजने का फैसला अभिभावकों पर छोड़ा

गुरुग्राम और फरीदाबाद प्रशासन की ओर से कहा गया है कि अभिभावक बिना भय के बच्चों को स्कूल भेज सकते हैं। वहीं, बच्चों को स्कूल भेजने के लिए हम अभिभावकों पर कोई दबाव नहीं डाला जाएगा। यह अभिभावकों की मर्जी पर है कि वह अपने बच्चों को स्कूल भेजें या फिर ऑनलाइन क्लास के जरिये पढ़ाई जारी रखें। स्कूल नहीं आने वाले बच्चों की कोई गैर-हाजिरी नहीं लगाई जाएगी। बच्चों का स्वास्थ्य हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। स्कूलों में शारीरिक दूरी, स्वच्छता, फेस मास्क और तापमान जैसी तमाम बातों का पूरा ख्याल रखा जाएगा।

यहां जानिये- पूरी गाइडलाइन

  • अभिभावकों की ओर से लिखित अनुमति मिलने के बाद ही छात्र-छात्राओं को स्कूलों की कक्षाओं में प्रवेश दिया जाएगा।
  • ऑनलाइन कक्षाएं जारी हैं और छात्रों के लिए स्कूलों में आना अनिवार्य नहीं है।
  • सुबह पहले 20 मिनट बच्चों की थर्मल स्कैनिंग होगी
  • छात्रों की उपस्थिति और शरीर का तापमान दर्ज किया जाएगा। यह क्रम रोज जारी रहेगा।
  • कक्षा में एक बेंच पर सिर्फ एक बच्चा बैठेंगे
  • अधिकतम 30 छात्र ही एक कक्षा में बैठ सकते हैं।
  • चार घंटे में कुल छह पीरियड लगेंगे।

अभिभावकों ने की फीस वृद्धि की शिकायत

एक ओर जहां गुरुग्राम स्कूल खुलने लगे हैं वहीं कई निजी स्कूल अभिभावकों से स्कूल खुलने को लेकर विचार मांग रहे हैं। ऐसे में अब देखने में आ रहा है कि निजी स्कूल पिछली व अगली एडवांस फीस मांगने लगे हैं। ऐसे में अभिभावक संघ ने फीस एंड फंड रेगुलेटरी कमेटी (एफएफआरसी) को शिकायत दी है। हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने स्कूल प्रबंधकों पर आरोप लगाया है कि स्कूल खुलते ही वे अभिभावकों से पिछली फीस के साथ साथ जुलाई-अगस्त सितंबर की एडवांस ट्यूशन फीस, ट्रांसपोर्ट, वार्षिक और विकास शुल्क लगाकर फीस मांग रहे हैं। एफएफआरसी के चेयर मैन और मंडलायुक्त से मांग की कि वे जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों के पिछले पांच वर्ष के खातों की जांच कराएं ताकि यह पता चल सके कि स्कूल घाटे में या फायदे में हैं।मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा है कि स्कूल संचालकों ने मनमानी फीस वसूलने के लिए ही हरियाणा सरकार पर दबाव डालकर स्कूल खुलवाए हैं। अभिभावक बिना बढ़ाई गई ट्यूशन फीस मासिक आधार पर दे रहे हैं और आगे भी देने को तैयार हैं लेकिन स्कूल प्रबंधक अन्य मदों में भी फीस मांग रहे हैं जो कि गैरकानूनी है। मंच के सचिव दिलीप गुप्ता ने कहा कि स्कूल प्रबंधन एक बार फिर से मनमानी पर उतर आए हैं।