गुरुग्राम, जागरण संवाददाता। गुरुग्राम के सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडिसो सोसायटी के टावर-E और F की हालत जर्जर हो चुकी है। किसी भी वक्त यहां एक बड़ा हादसा हो सकता है। बीते 20 दिनों से यहां पर लगातार किसी न किसी फ्लैट की दीवारों में दरार आने, प्लास्टर गिरने, बालकनी झुकने जैसी शिकायतें आ रही हैं। इसके चलते इन दोनों टावरों में अधिकांश फ्लैट खाली हो चुके हैं। साथ ही फ्लैट्स में रहने वाले लोगों की रातों की नींद उड़ी हुई है। 

कभी भी हो सकता है बिल्डिंग में हादसा

दरअसल, पिछले कुछ समय से सोसायटी के टावर ई-एफ में आडिट का काम चल रहा है। इसी सिलसिले में टावर ई का फ्लैट नंबर 202 खोला गया तो सभी दंग रह गए। फ्लैट के एक बाथरूम का आधा लेंटर गिरा हुआ था। यहीं नहीं इस लेंटर की छत में सरिया पूरी तरह से गला हुआ दिख रहा है। घर के बाकी हिस्सों की हालत भी जर्जर हो चुकी है। इसकी वजह से अब लोगों को यहां पर रहने में डर सता रहा है।

बता दें कि बीते दस दिनों पहले उपायुक्त गुरुग्राम निशांत यादव के नेतृत्व में चिंटेल्स हादसे वाली कमेटी के सदस्य अतिरिक्त उपायुक्त, जिला नगर योजनाकार एन्फोर्समेंट, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता ने टावर ई और एफ का निरीक्षण किया था। वर्तमान में दोनों टावरों में ही केवल 24-25 परिवार रहते हैं। फ्लैट्स की जर्जर हो चुकी हालत के कारण यह भी जल्द ही खाली हो सकते हैं।

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बिल्डर प्रबंधन नहीं दे रहा किराया

सोसायटी निवासी संदीप बरसियान का कहना है कि चिंटेल्स बिल्डर प्रबंधन ने इन टावर ई और एफ में रहने वाले परिवारों को दूसरी जगह किराए पर फ्लैट लेकर पुनर्वास करने को लेकर आश्वस्त किया था। मगर अब प्रबंधन ने किराया देने से मना कर दिया है।

टावर एफ में सपोर्ट लगाना का कार्य शुरू 

बिल्डर प्रबंधन की तरफ से टावर एफ में सपोर्ट लगाने का काम शुरू किया गया है जिसके तहत टावर के बाहर पैड खड़े कर दिए गए है। इसके बाद से लोगों में डर और भी बढ़ गया है। अब तो लोगों को बालकनी में जाने से भी डर लगने लगा है।

इन्हीं टावर में रहने वाले सुशील कुमार रोहिल्ला ने बताया कि वे रेलवे से सेवानिवृत्त हुए हैं और अपनी जिंदगी भर की पूंजी फ्लैट में निवेश कर दी। मगर फ्लैट में अब रात को नींद भी नहीं आती। पुनर्वास के लिए बिल्डर प्रबंधन कहता है कि यदि प्रशासन कहेगा तो किराया दिया जाएगा।

जिला प्रशासन के अधिकारी होंगे हादसे का जिम्मेवार

वहीं चिंटेल्स आरडब्ल्यूए के प्रधान राकेश हुड्डा ने बताया कि उपायुक्त व अन्य सदस्यों के निरीक्षण को दस दिन का समय बीत चुका है। टावर ई और एफ को लेकर पास किए जाने वाले आदेश का अभी तक कोई अता-पता नहीं है। डी-टावर के आडिट की रिपोर्ट एक सप्ताह में आने की बात थी। उसका भी कुछ नहीं हुआ। जिला प्रशासन के अधिकारी दूसरी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। यदि इस बार कुछ होता है तो उसके जिम्मेदार जिला प्रशासन के अधिकारी होंगे।

अमित मधोलिया डीटीपी एन्फोर्समेंट का कहना है कि चिंटेल्स कमेटी के सदस्यों की बैठक सोमवार को उपायुक्त की अध्यक्षता में होगी। सभी शिकायतों को बैठक में रखा जाएगा और निर्णय लिया जाएगा।

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Edited By: Aditi Choudhary

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