गुरुग्राम, जागरण संवाददाता। भारत-चीन सीमा पर हिंसक झड़प में शहीद हुए भारतीय जवानों को लेकर पूरे देश में आक्रोश दिख रहा है। दिल्ली से सटे गुरुग्राम में बुधवार को लोगों ने प्रदर्शन किया। चीन के विरोध मे गुरुग्राम के अतुल कटारिया चौक पर चाइनीज सामान जलाए गए। इसके साथ ही चीनी राष्ट्रपति राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पोस्टर को भी जलाया गया।

चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों पर किए गए कायरतापूर्ण हमले के बाद लोगों में जबरदस्त नाराजगी देखी जा रही है। लोग चीनी उत्पाद का बहिष्कार कर रहे हैं। कृष्णा फर्नीचर हाउस के संचालक ने अतुल कटारिया चौक पर चीन से लाए गए फर्नीचर को आग के हवाले कर दिया। लोगों ने चीनी राष्ट्रपति का पुतला भी जलाया।

अतुल कटारिया चौक पर फर्नीचर आइटम को आग के हवाले करते वक्त काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। शारीरिक दूरी बनाते हुए लोगों ने हिंदुस्तान जिंदाबाद, चीन मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए चीनी राष्ट्रपति की तस्वीर भी जलाई। सभी ने संकल्प लिया कि आज के बाद से वह चाइनीज उपकरण नहीं खरीदेंगे। प्रदर्शन में काफी संख्या में कारोबारी शामिल हुए।

चीन पर सैन्य कार्रवाई के साथ आर्थिक चोट करने की जरूरत

लद्दाख-गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प से हर कोई गुस्से में है। भारत के 20 जवान शहीद होने पर स्वतंत्रता सेनानी से लेकर पूर्व सैन्य अधिकारी चीन को सबक सिखाने के समर्थक में है। सभी सरकार से मांग कर रहे हैं कि सीमा से लेकर आर्थिक मोर्चे पर चीन को नुकसान पहुंचाया जाए।

स्वतंत्रता सेनानी, महाशय परमानंद यादव ने कहा कि सैनिकों के शहीद होने की खबर मेरे लिए बड़ी पीड़ादायक है। 1962 के बाद हम यह मान बैठे थे कि चीन लड़ाई नहीं करेगा लेकिन वह विश्वास के लायक नहीं है। वर्षों पहले आर्मी ने रिपोर्ट तैयार की थी कि हमें चीन व पाकिस्तान से एक साथ लड़ाई लड़ने को तैयार रहना होगा। मुझे लगता है अब वह समय आ गया है। अब चीन से बातचीत करने का कोई मतलब नहीं रहा है और उसे उन्हें मारने की तैयारी करनी होगी। मेरी देश के राजनीतिक दलों से अपील है कि ऐसे वक्त राजनीति करने से बचे।

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