गुरुग्राम [आदित्य भारद्वाज]। राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या के विरोध में 29 जून को विभिन्न हिंदू संगठनों ने संयुक्त रूप से कमला नेहरू पार्क से लेकर सोहना चौक तक प्रदर्शन किया था। बताया जाता है कि उस दौरान एक समुदाय विशेष के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए नारेबाजी की गई थी।

इसका सिटी थाना पुलिस ने संज्ञान लेते हुए प्रदर्शन में शामिल हिंदू नेताओं के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। किन नेताओं के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है, इस बारे में पुलिस खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) दीपक सहारण का कहना है कि प्रदर्शन के वीडियो से आरोपितों की पहचान की जाएगी। पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने नारेबाजी की थी।

वह कुछ देर के लिए आया और नारेबाजी करके चला गया। उसे कोई नहीं पहचानता था। इसके अलावा प्रदर्शन में शामिल किसी व्यक्ति ने समुदाय विशेष के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया था।

इधर, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में एक केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुग्राम पुलिस आयुक्त कला रामचंद्रन से शुक्रवार को उनके कार्यालय में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान हिंदू संगठनों द्वारा पैगंबर मोहम्मद का अपमान करने पर आपत्ति जताई।

प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की ताकि देश में अशांति पैदा न हो। इस पर पुलिस आयुक्त ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस आयुक्त से मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल ने सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद का भी दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल में सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट एम नूरुल्लाह, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के वरिष्ठ संयोजक एमजी कासमी, जमीयत उलेमा-ए-गुरुग्राम के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती सलीम, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के दावत-ए-इस्लाम विभाग के सचिव मौलाना यासीन जाहजी एवं मोहम्मद मोबश्शिर शामिल थे।

Edited By: Geetarjun Gautam