गुरुग्राम [अनिल भारद्वाज]। वैश्विक इस्लामिक आतंक के खिलाफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान को सेना के पूर्व अधिकारियों ने दूरगामी प्रभाव वाली नीति करार दिया है। सैन्य अधिकारियों ने कहा कि वैश्विक इस्लामिक आतंक को अब अमेरिका समझने लगा है। उन्होंने कहा कि ट्रंप के बयान के बाद इस्लामिक आतंक को कुचलने की लड़ाई मजबूत होगी। पूर्व अधिकारियों ने कहा कि भारत दशकों से वैश्विक आतंक की बात करता आ रहा है, लेकिन पहले दुनिया में कोई नहीं मान रहा था। आज हर देश किसी न किसी रूप में आतंक से ग्रस्त है और अमेरिका वैश्विक आतंक पर बात करने लगा है।

उनका ये बयान न सिर्फ भारत के ही पूर्व दिए बयानों की कहीं न कहीं पुष्टि करता है बल्कि भारत की सोच और इसको खत्‍म करने को लेकर उठाए गए भारत के कदमों का भी समर्थन करता है। उनके इस बयान पर पूर्व सैन्‍य अधिकारी भी मानते हैं कि अमेरिका को अब इसकी सच्‍चाई का अंदाजा होने लगा है। दैनिक जागरण ने इस्‍लामिक आतंकवाद पर दिए ट्रंप के बयान पर कुछ एक्‍सपर्ट की राय जानी। 

जानें क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट

मेजर जनरल (रिटा.) डॉ. जीडी बख्शी के मुताबिक आतंक को लेकर अमेरिका ने पाकिस्तान पर दबाव बनाया है, जिसका असर भी हुआ है। आज आतंकी फं¨डग के कारण फाइनेंशियल एक्शन टाक्स फोर्स (एफएटीएफ) की पाकिस्तान के सिर पर काली सूची में शामिल होने की तलवार लटकी हुई है। वहीं, अमेरिका को अफगानिस्तान में तालिबान से समझौता करने के लिए पाकिस्तान की जरूरत है। अगर तालिबान दोबारा मजबूत होता है तो भारत की सुरक्षा के लिए खतरा होगा। अमेरिका को समझना होगा कि अब भारत में आतंक से समझौता करने वाली सरकार नहीं है।

इस्‍लामिक आतंकवाद पर दिए ट्रंप के बयान पर मेजर जनरल (रिटा.) पीके शर्मा का मानना है कि हमें उन बातों पर नहीं जाना है कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका क्या कर रहा है। आतंक से दो तरह की लड़ाई होती है एक सैन्य कार्रवाई और दूसरा उसके खिलाफ बोलने वालों की संख्या। भारत वर्षों से आतंक के बारे में बोल रहा था और कोई सुन नहीं रहा था। आज दुनिया का सबसे ताकतवर देश स्वयं बोल रहा है कि इस्लामिक आतंक है। इससे भारत की आतंक के खिलाफ लड़ाई को मजबूती मिलेगी और यह भारत की जीत है।

ब्रिगेडियर (रिटा.) एएल संदल का कहना है कि भारत में कहा जाता है कि आतंक का धर्म नहीं होता है, जबकि सच्चाई अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कह दी है। उन्होंने बोला और दुनिया को बताया है कि इस्लामिक आतंक है। सच्चाई से भागने के बजाय, दुनिया को सामना करना चाहिए। ट्रंप का भारत की धरती से इस्लामिक आतंक के खिलाफ बोलना भारत की आतंक के खिलाफ लड़ाई को बल मिला है। अमेरिका ने भारत के साथ मिलकर आतंक से लड़ने पर जोर दिया है।

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