यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गुरुग्राम में स्टेट विजिलेंस के हत्थे चढ़े ईटीओ और इंस्पेक्टर, आबकारी विभाग में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश
स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की करनाल स्पेशल टीम ने आबकारी एवं कराधान विभाग में चल रहे रिश्वत के खेल का सोमवार ...और पढ़ें

गुरुग्राम [आदित्य राज]। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की करनाल स्पेशल टीम ने आबकारी एवं कराधान विभाग में चल रहे रिश्वत के खेल का सोमवार शाम भंडाफोड़ किया। पहले गुरुग्राम से विभाग में कार्यरत इंस्पेक्टर सुमित्रा गोदारा को दो लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया, फिर फरीदाबाद से आबकारी एवं कराधान अधिकारी (ईटीओ) रोशनलाल को गिरफ्तार किया गया। ईटीओ के कहने पर ही इंस्पेक्टर पैसे ले रही थी। दोनों को उनके कार्यालय से ही गिरफ्तार किया गया। उन्हें मंगलवार सुबह अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने का प्रयास किया जाएगा। पूछताछ से सामने आएगा कि और काैन-कौन अधिकारी और कर्मचारी रिश्वत के खेल में शामिल हैं।
काराेबारी मोहित फरीदाबाद में बिल्डिंग निर्माण से संबंधित सामग्रियों का कारोबार करना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें जीएसटी नंबर चाहिए। उन्होंने नंबर के लिए आवेदन विभाग के फरीदाबाद कार्यालय में दिया तो ईटीओ रोशनलाल ने कमियां बताते हुए रिजेक्ट कर दिया। उन्होंने दोबारा आवेदन दिया तो रोशनलाल ने कहा कि पहले आप विभाग के गुरुग्राम कार्यालय में कार्यरत इंस्पेक्टर सुमित्रा गोदारा से मिलो। वह इंस्पेक्टर से मिलने पहुुंचे तो उसने सात लाख रुपये की डिमांड की। एडवांस के रूप में दो लाख रुपये देने को कहा।
इस बात की शिकायत मोहित ने सोमवार सुबह ही स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के टोल फ्री नंबर पर की। उच्च अधिकारियों ने ब्यूरो के करनाल प्रभारी पुलिस अधीक्षक राजेश फौगाट को जिम्मेदारी सौंपी। फौगाट ने आगे करनाल स्पेशल टीम में कार्यरत इंस्पेक्टर सुमित कुमार और इंस्पेक्टर सरोज के नेतृत्व में टीम का गठन कर गुरुग्राम और फरीदाबाद कार्रवाई के लिए भेजा। कारोबारी ने इंस्पेक्टर को उसके कार्यालय में जैसे ही पैसे दिए, वैसे ही टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उससे दो लाख रुपये बरामद कर लिए गए। इसके कुछ ही देर बाद फरीदाबाद कार्यालय से ईटीओ रोशनलाल को गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों एक ही बिल्डिंग में ऊपर-नीचे रहते हैं
ईटीओ और इंस्पेक्टर गुरुग्राम में पहले साथ काम कर चुके हैं। यही नहीं दोनों गुरुग्राम के सेक्टर-39 इलाके में एक ही बिल्डिंग में ऊपर-नीचे रहते हैं। इस वजह से ही दोनों एक दूसरे को जानते हैं। कार्रवाई करने वाली टीम में शामिल इंस्पेक्टर सुमित कुमार ने बताया कि दोनों के खिलाफ मामला गुरुग्राम में ही दर्ज कराया गया है। इस वजह से सोमवार को गुरुग्राम अदालत में ही दोनों को पेश किया जाएगा। जांच में जिनके भी नाम सामने आएंगे उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
बैठक में छाया रहेगा रिश्वत कांड
उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पास ही आबकारी एवं कराधान विभाग है। मंगलवार काे वह मानेसर में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेने वाले हैं। रिश्वत कांड की चर्चा बैठक में होने की पूरी उम्मीद है। बता दें कि इससे पहले विभागीय अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं।
