गुरुग्राम, जेएनएन। सोनीपत निवासी एडवोकेट नीरज मलिक ने गुरुग्राम के साइबर थाने में तैनात एक इंस्पेक्टर एवं एक एएसआइ के ऊपर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस बारे में पुलिस आयुक्त को शिकायत ईमेल से भेजी है। शिकायत सामने आते ही पुलिस आयुक्त मोहम्मद अकील ने सहायक पुलिस आयुक्त (डीएलएफ) करण गोयल को जांच की जिम्मेदारी सौंप दी।

जॉब दिलाने के नाम पर ठगी

शिकायत के मुताबिक जॉब दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोप में दो अक्टूबर को साइबर क्राइम थाना पुलिस की टीम दिल्ली के पीतमपुरा निवासी विजय बांगिया को पकड़ कर ले गई। इसके बाद वह अपने साथी एडवोकेट विजय इंदौरा के साथ थाने पहुंचे। वहां पर एक एएसआइ मिला और उसने कहा कि इंस्पेक्टर साहब बात करना चाहते हैं। मिलने पर इंस्पेक्टर ने कहा कि एक लाख रुपये दे दो, मामले को यहीं पर निपटा देते हैं।

और मांगे तीन लाख रुपये

पैसे देने के बाद बांगिया को फिर 11 अक्टूबर को पुलिस उठाकर ले गई। इसके बाद डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई। पैसे देने के बाद भी उसे नहीं छोड़ा और जेल भेज दिया। अब तीन लाख रुपये की मांग की जा रही है। कहा जा रहा है कि पैसे देने के बाद मामले को कमजोर कर देंगे। पैसे लेने के दौरान शराब एवं खाने के सामान की डिमांड भी पूरी की गई। मलिक का कहना है कि एएसआइ द्वारा रिश्वत लेते वीडियो भी है।

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