जागरण संवाददाता, गुरुग्राम : राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर मंगलवार को अंसल बिल्डवेल लिमिटेड एक ब्लॉक सुशांत लोक फेस-थ्री सेक्टर 57 कॉलोनी में बनाए गए मकानों की जांच करने पहुंची। एनजीटी में बिल्डर के खिलाफ शिकायत की गई थी कि बिल्डर ने जिला नगर योजनाकार के मानकों की अनदेखी की है। शिकायकर्ता राजेंद्र गोयल व बाला यादव ने एनजीटी में दी शिकायत में कहा था कि बिल्डर ने 45 प्रतिशत ओपन एरिया नहीं छोड़ा है और बिना अनुमति के बोरवेल लगाने के अलावा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट व ठोस कचरा निस्तारण और रेन वॉटर हार्वे¨स्टग की सुविधा नहीं है। कॉलोनी में कोई बड़ा पार्क नहीं है और बिल्डर ने हरित क्षेत्र को बेच दिया है और यह जिला नगर योजनाकार के मानकों की अनदेखी है।

इसी शिकायत पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने चार सदस्यीय टीम का गठन किया था, जिसमें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) मेंबर सेक्रेटरी प्रशांत गार्गव व पर्यावरण मंत्रालय के निदेशक रघुकुमार कोदाली और गुरुग्राम जिला उपायुक्त विनय प्रताप के अलावा हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गुरुग्राम रीजनल अधिकारी डॉ. जयभगवान शर्मा को टीम में शामिल किया था। इस मौके पर जिला नगर योजनाकार अधिकारी को भी शामिल किया गया था।

एनजीटी की तरफ से जांच करने पहुंची टीम की तरफ से कुछ नहीं बोला गया है। लेकिन कहा गया है कि जांच पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। अगर शिकायत कर्ता की शिकायत सही निकलती है तो माना जा रहा है बिल्डर के साथ तत्कालीन जिला नगर योजनाकार अधिकारी पर गाज गिरनी तय है। जिन्होंने मकान बनाने के मानको की पालन नहीं कराया।

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एनजीटी द्वारा गठित टीम ने मंगलवार को सुशांत लोक फेस-थ्री सेक्टर 57 की जांच की है और शिकायतकर्ता के अलावा कंपनी प्रबंधन से कागजात मांगे हैं। जिन मामलों की शिकायत है उन्हें टीम ने स्वयं निरीक्षण किया है, जिसके आधार पर जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

-विनय प्रताप ¨सह, जिला उपायुक्त गुरुग्राम

Posted By: Jagran