जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: कोरोना महामारी पर मकर संक्रांति का उत्साह भारी नजर आया। इस अवसर पर विशेष रूप से आयोजन किए। इस माहौल में भी शहर भर में कहीं भजन कीर्तन तो कहीं पर पूजा अर्चना की गूंज सुनाई दी। इस त्योहार को कई स्थानों पर खिचड़ी के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में घरों में मूंगफली, रेवड़ी, गजक और तिल के साथ खिचड़ी की सुगंध भी फैली। लोगों ने इस अवसर पर दान पुण्य भी किया। इस अवसर पर गोशाला में भी लोगों ने गायों को चारा डाला और दान किया। ग्राम सरपंच हरिओम त्यागी ने बताया कि इस अवसर पर गांव धर्मपुर निवासियों ने बाबा प्रकाशपुरी गोशाला में 38 लाख 31 हजार रुपये गायों के चारे के लिए दान किए।

मकर संक्रांति के अवसर पर जगह जगह पर विभिन्न समारोहों का आयोजन हुआ। इस दौरान घरों में जहां लोगों ने पारंपरिक तरीके से पूजा अर्चना की वहां मंदिरों में सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा। लोगों ने शारीरिक दूरी का ख्याल रखते हुए मंदिरों में दर्शन किए। बाजार में तिल के लड्डू, पेड़े व गुड़ खरीदने के लिए लोग पहुंचे तो घरों में परंपरा के अनुसार दही चिउड़ा खाकर दिन की शुरुआत की।

अलग-अलग समुदाय के लोगों ने परंपराओं के अनुसार त्योहार को मनाया। इस दौरान कई स्थानों पर पतंगबाजी भी देखने को मिली। हालांकि इस बार आसमान में पतंगों की संख्या उतनी नजर नहीं आई लेकिन परंपराओं के निर्वाह में कहीं कोई कमी नजर नहीं आई। समाजसेविका व सेवानिवृत शिक्षिका लाडो कटारिया ने गोशाला में जाकर गुड़ व रुपये दान दिया, वहीं जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए।

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