प्रियंका दुबे मेहता, गुरुग्राम

ब्यूटी इंडस्ट्री पिछले कुछ वर्षो से लगातार प्रयोग व बदलाव देख रही है। ऐसे में लोगों का जुड़ाव भी इस क्षेत्र से बढ़ा है लेकिन अब एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले एक दशक से तेजी से फल-फूल रहे सलोन व पार्लरों को लेकर लोगों का रुझान कम हुआ है और इसकी जगह अब बदलते वक्त व ई-कॉमर्स साइटों के प्रभाव में होम सलोन का क्रेज बढ़ा है। लोग अपने घर पर सौंदर्य सुविधाएं लेना पसंद कर रहे हैं। ऐसे में ब्यूटी इंडस्ट्री में एक बड़ा शिफ्ट देखने को मिल रहा है। ई-कॉमर्स मंच लाए बदलाव

सलोन संचालक प्रीति मनचंदा का कहना है कि होम सलोन की शुरुआत काफी पहले से हो गई थी लेकिन लोगों को व्यक्तिगत तौर पर ब्यूटीशियन को घर पर बुलाना होता था। ऐसे में बहुत ज्यादा लोग इन सुविधाओं पर भरोसा नहीं कर पाते थे। अब विभिन्न वेबसाइट व एप के जरिए सुविधाएं मुहैया कराई जाने लगी हैं। ऐसे प्रोफेशनल ब्यूटीशियन घरों में जाते हैं जो वेरिफाइड होते हैं। लोगों को इसमें पारदर्शिता का भरोसा भी रहता है। गुणवत्ता को लेकर निश्चिंतता

अक्सर देखने में आता था कि लोगों को इस बात की चिता होती थी कि पार्लरों में प्रोडक्ट की गुणवत्ता की जांच नहीं हो पाती। कई शिकायतें भी आती थीं। अब लोगों को इस बात का भरोसा हो रहा है कि इस तरह की सुविधाएं मुहैया करवाने वाली कंपनियां न केवल प्रोफेशनल्स से काम कराती हैं बल्कि प्रोडक्ट की जानकारी और उनकी गुणवत्ता के बारे में भी लोगों को जानकारी देती हैं। समय बचाने के लिए होम सलोन का रुख

बदलते वक्त में भागदौड़ लोगों को सलोन जाने का वक्त ही नहीं देती। ऐसे में लोगों को घरों पर ब्यूटी सर्विसेज लेना सुविधा जनक लगने लगा है। हालांकि यह सेवाएं अभी अपनी लोकप्रियता के चरम पर हैं और सलोन संचालकों का कहना है कि इसमें वक्त के साथ बदलाव भी आएगा। इसका कारण यह है कि जो आराम और वातावरण एक सलोन में मिलता है वह घर पर कभी नहीं मिल सकता।

होम सलोन का कॉन्सेप्ट आ जाने से निश्चित रूप से एक बार सलोन का बिजनेस प्रभावित हुआ है, लेकिन यह असर मात्र दस प्रतिशत है। लोगों का भरोसा अभी भी सलोन पर टिका हुआ है क्योंकि मेकअप से लेकर हेयर सर्विसेज घरों पर नहीं दी जा सकती। इसके अलावा घर में वह सुकून नहीं मिलता जबकि सलोन में ब्यूटी सर्विसेज केवल बाहरी सौंदर्यवर्धन के लिए ही नहीं बल्कि आंतरिक मानसिक सुकून के लिए भी दी जाती हैं।

- नुपुर, ब्यूटी एक्सपर्ट, टैंगल्स नुपुर गुप्ता एकेडमी इस तरह का बदलाव देखने को मिल रहा है। अभी यह सर्विसेज नई हैं तो लोग इनमें भरोसा दिखा रहे हैं। भविष्य सलोन का ही है, होम सलोन को आज भी लोग केवल इमरजेंसी की स्थिति में ही लेना चाहते हैं। बदलाव हर क्षेत्र में आता है, चीजें आती हैं और फिर स्थायित्व उसी में रह जाता है जो स्थापित है। सलोन केवल एक ब्यूटी स्टेशन ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानसिक थेरेपी का केंद्र भी है।

- साक्षी सूद, ब्यूटी एक्सपर्ट

Posted By: Jagran

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