जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: गांव नौरंगपुर में एक बिल्डर ने फर्जी रजिस्ट्री दिखाकर टाउन एंड कंट्री प्ला¨नग विभाग से ग्रुप हाउ¨सग का लाइसेंस प्राप्त कर लिया। यह आरोप हर स्तर पर प्रमाणित हो चुका है। इसके बाद भी जिला प्रशासन कार्रवाई करने को तैयार नहीं। परेशान शिकायतकर्ता ने अब प्रधानमंत्री शिकायत भेजी है। इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहरलाल को भी शिकायत दी जा चुकी है।

गांव शिकोहपुर निवासी तारावती ने गांव नौरंगपुर में 1966 से ही 12 कनाल 9 मरला जमीन 99 साल के पट्टे पर ले रखी है। इसमें से चार कनाल जमीन अपने पास रखकर बाकी जमीन अपने परिवार के लोगों के नाम 21 अप्रैल 2010 को कर दी थी। इसके बाद परिवार के लोगों ने अपने हिस्से की जमीन एक बिल्डर को बेच दी। आरोप है कि तारावती ने जो जमीन अपने पास बचा रखी थी। उस पर भी फर्जी रजिस्ट्री बनाकर बिल्डर ने कब्जा कर लिया। कब्जा करने के बाद बिल्डर ने टाउन एंड कंट्री प्ला¨नग विभाग से ग्रुप हाउ¨सग का लाइसेंस प्राप्त कर लिया। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई। जानकारी में मानेसर के तत्कालीन तहसीलदार ने 11 दिसंबर 15 को स्वीकार किया कि तारावती ने अपने परिजनों के नाम केवल आठ कनाल 9 मरला जमीन की थी। बिल्डर ने लाइसेंस के लिए जो रजिस्ट्री की कॉपी दी थी, वह रिकार्ड में है ही नहीं। तारावती के रिश्तेदार गांव मोकलवास निवासी सेवानिवृत्त कमांडेंट राम ¨सह कहते हैं कि वह जिला प्रशासन के अधिकारियों से कई बार मिल चुके हैं। आश्वासन के अलावा आज तक कुछ हासिल नहीं हुआ। मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द जांच करने का आदेश दिया था। इसके बाद भी मामले में आगे कुछ नहीं किया गया। अब हारकर प्रधानमंत्री का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। इस बारे में जिला राजस्व अधिकारी विजय यादव का कहना है कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने नई जिम्मेदारी संभाली है। पता किया जाएगा कि क्या मामला है?

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