जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: करोड़ों की चोरी मामले में फरार चल रहे आइपीएस धीरज सेतिया ने जिला अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई है। अर्जी बृहस्पतिवार को लगाई गई है। इस पर सोमवार को बहस होगी। बताया जाता है कि फिलहाल जिस अदालत में मामले की सुनवाई चल रही है, उससे दूसरी अदालत में मामला ट्रांसफर किए जाने की भी अर्जी लगाई गई है। इसके पीछे क्या कारण है, इस बारे में कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं।

बता दें कि जब वारदात हुई थी उस दौरान धीरज सेतिया के पास गुरुग्राम में पुलिस उपायुक्त (क्राइम) की अतिरिक्त जिम्मेदारी थी। मामला सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया। तभी से वह फरार चल रहे हैं।

साजिश रचने के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में आरोपित डा. सचिद्र जैन नवल की ओर से सोमवार को जिला अदालत में लगाई गई जमानत की अर्जी शुक्रवार को खारिज कर दी गई। डा. नवल के ऊपर साजिश रचने का आरोप है।

खेड़कीदौला थाना इलाके की एक सोसायटी के दो फ्लैट से लगभग पिछले साल चार और पांच अगस्त की रात 30 करोड़ रुपये (अब तक की जांच के मुताबिक) चोरी किए गए थे। पैसे अल्फाजी कार्प मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के थे। डा. सचिद्र जैन नवल के ऊपर आरोप है कि उसने गैंगस्टर विकास लगरपुरिया को फ्लैट में पैसे होने की सूचना दी थी। इसके बाद ही वारदात को अंजाम दिया गया था। मामले में अब तक 17 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

पुलिस की पकड़ से बाहर तीन आरोपितों में शामिल हैं गैंगस्टर विकास लगरपुरिया, दिल्ली पुलिस में एएसआइ विकास और आइपीएस धीरज सेतिया। छानबीन के मुताबिक विकास लगरपुरिया मामले का मास्टरमाइंड है, एएसआइ विकास के पास चोरी के पैसे पहुंचाए गए थे जबकि आइपीएस धीरज सेतिया ने मामले को रफा दफा करने के लिए कुछ पैसे लिए थे।

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