जागरण संवाददाता, गुरुग्राम : हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर औद्योगिक एवं रियल एस्टेट क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उद्यमियों का कहना है कि जरूरत है कि इस योजना को जल्द परवान चढ़ाने की। इस कॉरिडोर से जहां कनेक्टिविटी बढ़ेगी, वहीं औद्योगिक माल ढुलाई की स्थिति भी बेहतर होगी। रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि जहां-जहां से यह कॉरिडोर गुजरेगा, वहां रिहायशी और कॉमर्शियल रियल एस्टेट को भी गति मिलेगी।

हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर पलवल से सोहना-मानेसर-खरखौदा के रास्ते सोनीपत तक विकसित होगा। इससे औद्योगिक क्षेत्र मानेसर में विकास को बड़े स्तर पर बढ़ावा मिलेगा। यह कॉरिडोर गुरुग्राम में पातली एवं सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन से भी जुड़ेगा। इससे औद्योगिक माल ढुलाई में गति आएगी और यह काफी सस्ती होगी। अभी गुरुग्राम स्थित औद्योगिक क्षेत्रों को औद्योगिक माल ढुलाई के लिए अन्य विकल्पों को अपनाना पड़ता है। यदि रेल कॉरिडोर विकसित हो जाएगा, तो माल ढुलाई के मामले में स्थिति सकारात्मक रूप से बदल जाएगी। विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित कंपनियों में काम करने वाले अपने जिलों में रहकर भी आसानी से नौकरी कर सकेंगे। उन्हें गुरुग्राम में रहने की बाध्यता खत्म हो जाएगी। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर को केंद्र सरकार से मिली मंजूरी सराहनीय है। इससे उद्योगों को काफी लाभ होगा। इससे कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ ही औद्योगिक माल ढुलाई भी काफी आसान हो जाएगी। यही नहीं, उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले माल की आवाजाही भी काफी सस्ती हो जाएगी।

पवन यादव, अध्यक्ष, आइएमटी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन, मानेसर

रेल कॉरिडोर बनने से निश्चित तौर पर विकास का रास्ता खुलेगा। दिल्ली-एनसीआर व आसपास के जिलों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। आधारभूत संरचनाओं का इससे भरपूर विकास होगा। केंद्र सरकार का यह निर्णय सराहनीय है। उम्मीद है कि इस कॉरिडोर को लेकर जल्द काम शुरू होगा।

प्रदीप अग्रवाल, चेयरमैन, एसोचैम, नेशनल काउंसिल ऑन रियल एस्टेट

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