गौरव ¨सगला, नया गुरुग्राम

चौथे फ्लोर की रजिस्ट्री किए जाने के मामले को संज्ञान में लेते हुए एसडीएम (गुरुग्राम) संजीव ¨सगला ने पत्र जारी कर संबंधित तहसीलों के नायब तहसीलदारों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। इसके बाद राजस्व विभाग के कई अधिकारियों की पेशानी पर बल पड़ गए हैं। उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि दो दिन के अंदर पूरी जानकारी के साथ अपना पक्ष किस तरह से रखें। बता दें कि दैनिक जागरण ने बुधवार के अंक में तहसील में मिलीभगत से हो रही लाइसेंसी कालोनियों एवं हुडा सेक्टरों के चौथे फ्लोर की रजिस्ट्री पर आधारित खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद ही एसडीएम ने सख्त कदम उठाया है।

फरवरी 2017 में हरियाणा बिल्डिंग कोड में संशोधन के बाद स्टिल्ट पार्किंग के साथ चार फ्लोर पास करने की अनुमति दे दी गई थी लेकिन एक्ट के हिसाब से भवन में केवल 3 रिहायशी इकाइयां ही विकसित की जा सकती थीं। बावजूद इसके हुडा एवं टाउन प्ला¨नग ने शुरुआत में कुछ भवनों के नक्शे चौथे फ्लोर के तौर पर विकसित किए और उन्हें उसी के हिसाब से ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट भी जारी कर दिए। लेकिन बाद में जब गलती का पता चला तो चौथे फ्लोर में पैंट्री पास करनी शुरू कर दी।

नियमों के हिसाब से चौथे फ्लोर को न तो रिहायशी इकाई के तौर पर विकसित किया जा सकता है और न ही उसका अलग से रजिस्ट्रेशन हो सकता है। इसके बावजूद पिछले एक साल में गुरुग्राम, वजीराबाद समेत अन्य तहसीलों में 150 से अधिक रजिस्ट्री कर दी गई थी। बुधवार 16 मई को दैनिक जागरण में खबर प्रकाशित होने के बाद अगले ही दिन गुरुग्राम के एसडीएम संजीव ¨सगला ने गुरुग्राम व मानेसर के तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के अलावा बादशाहपुर, वजीराबाद, हरसरू व कादीपुर के नायब तहसीलदारों को लिखित में निर्देश जारी किए हैं कि टाउन एंड कंट्री प्ला¨नग विभाग की तरफ से चौथे फ्लोर के रजिस्ट्रेशन से संबंधित कोई हिदायतें जारी नहीं की गई हैं। लेकिन फिर भी तहसीलों में चौथे फ्लोर की रजिस्ट्री कैसे की जा रही है। पिछले एक माह के भीतर ऐसी जितनी भी रजिस्ट्री हुई हैं, उनकी सूची दो दिन के भीतर एसडीएम कार्यालय को दी जाए। उन्होंने इसकी प्रति उपायुक्त को भी भेजी है। नायब तहसीलदरों को लिखित में निर्देश जारी कर दो दिन के भीतर रजिस्ट्रियों की सूची मांगी है। सूची आने के बाद ही तहसीलदारों पर कार्यवाही की जाएगी।

- संजीव ¨सगला, एसडीएम, गुरुग्राम

By Jagran