जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: जिला प्रशासन का दावा है कि जिले के 41 अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती किया जाएगा, लेकिन हकीकत यह है कि इन अस्पतालों में मरीजों के लिए सामान्य बेड से लेकर आइसीयू व वेंटिलेटर एक भी बेड खाली हैं ही नहीं। उसके बाद भी जिला प्रशासन बार-बार कहता है कि कोरोना मरीज को भर्ती कराने के लिए अस्पताल में बेड संख्या कितनी है, इस बारे में द्धह्लह्लश्चह्य://ष्श्र1द्बस्त्रद्दद्दठ्ठ.ष्श्रद्व आनलाइन पोर्टल से जानकारी हासिल करें। जब कोई जरूरतमंद इस पोर्टल पर जाकर देखता है तो सभी बेड भरे हुए बताता है।

जिलाधीश एवं उपायुक्त डा. यश गर्ग ने तीन दिन पहले 41 अस्पतालों में 22 नोडल अधिकारी नियुक्त किए थे जो अस्पतालों में बेड संख्या पर निगरानी रखेंगे। प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि गंभीर मरीज को भर्ती कराया गया जाएगा, लेकिन सच यह है कि एक कोरोना मरीज भी भर्ती कराना आसान नहीं है।

गुरुग्राम में 14,270 सक्रिय कोरोना संक्रमित मरीज हैं और 13,343 मरीज होम आइसोलेशन में इलाज ले रहे हैं। 2416 सामान्य बेड संख्या है। इसमें आइसीयू 495 बेड और वेंटिलेटर में 233 बेड हैं उपलब्ध हैं। इस में स्वास्थ्य विभाग के पास 200 सामान्य बेड हैं। आइसीयू व वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है। आइसीयू 495 बेड और वेंटिलेटर में 233 बेड सुविधा प्राइवेट अस्पतालों है। सभी बेड भरे हुए हैं। कोई आइसीयू व वेंटिलेटर बेड भी खाली नहीं है। यह हैं अस्पताल

आर्टिमिस, फोर्टिस, मेदांता, मेट्रो, नारायण व पार्क, मैक्स, कोलंबिया एशिया और सिग्नेचर, आर्वी, आर्यन, बिरला, चिराग, क्लाउड नाइन, जिला नागरिक अस्पताल, ईएसआइ अस्पताल और केके हेल्थ केयर, कल्याणी अस्पताल, कमला, कथूरिया अस्पताल, लाइफ एंड मेडिकल सेंटर व ममता, मेयोम, मेडीओर, ओरबिट, पोलारिस अस्पताल, पालीक्लीनिक सेक्टर-31, पुष्पांजलि, सांवित हेल्थकेयर व सत्यम थेडिकेयर सेठी अस्पताल और एसजीटी मेडिकल कालेज, शीतला अस्पताल व श्रीगोविद अस्पताल, सनराइज, उमकल, वरदान, डब्ल्यू प्रतीक्षा, यशरूप अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है। कहा गया है कि अगर बेड खाली होने के बाद भी कोई अस्पताल बेड नहीं देता है तो राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 और भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दंडित किया जाएगा।

Indian T20 League

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

kumbh-mela-2021