जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: शहर के पारस अस्पताल में सिजेरियन स्कार एटॉपिक प्रेग्नेंसी के चलते डॉक्टरों ने इलाज कर महिला को राहत दी। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. अल्का कृपलानी का कहना है कि स्कार एटॉपिक प्रेग्नेंसी अक्सर सिजेरियन डिलीवरी के बाद होने का खतरा रहता है। प्रेस कांफ्रेंस कर डॉक्टर ने बताया कि यह गर्भावस्था की एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें बच्चा बच्चेदानी में न ठहरकर स्कार में पनपने लगता है। ऐसे में मां के लिए बड़ा दर्द भरा रहता है।

ऐसे मामलों में महिला को गर्भावस्था के समय से ही लगातार रक्तस्त्राव होगा, जिससे मरीज के कोमा में जाने का खतरा रहता है। यह इलाज आधुनिक लैप्रोस्कोपिक तकनीक से किया गया। जिसमें छोटे कैमरे से शरीर के अंदर का हिस्सा देखा गया। महिला का एक वस्कुलर मास यूटरिन स्कार बाएं हिस्से में पाया गया, जो कि बाएं युरेटर तक बढ़ रहा था। 12 सप्ताह से गर्भवती महिला का ऑपेरशन कर दी गई। मरीज सुमन ने बताया कि जब वह गर्भवती हुई उस समय वे चाइना में थी,तो गुरुग्राम में इसका इलाज कराया। अब वह पूरी तरह से ठीक है।

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