जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: आयुर्वेदिक चिकित्सक डा. परमेश्वर अरोड़ा के आह्वान पर शहरवासियों ने अपने-अपने घरों व आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरण शुद्धि के लिए हवन किया। सुबह दस बजे लोगों ने अपने घर के आंगन या बालकनी पर स्वजन के साथ हवन किया। हवन करते हुए की तस्वीर भी लोगों ने दैनिक जागरण से साझा की।

डा. परमेश्वर अरोड़ा ने बताया कि यह तथ्य वैज्ञानिकों एवं डाक्टरों द्वारा स्वीकार लिया गया है कि अब कोरोना वायरस हवा में आ चुका है। ऐसे में आवश्यक है कि हम अपने वायुमंडल को शुद्ध करें। अथर्ववेद, चरक संहिता, सुश्रुत संहिता एवं काश्यप संहिता सहित वेदों एवं ग्रंथों में बताया गया है कि हवन व यज्ञ करने से पर्यावरण शुद्ध होता है। हवन में प्रयोग किए जाने वाले गूगल, सेंधा नमक, नीम, सरसों के बीज, राई के बीज, जटामांसी, बचा एवं अन्य द्रव्यों से हवा में शुद्धता आती है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वह इस पहल को अपने जानकारों को बताएं और पर्यावरण शुद्धता के लिए प्रयास करें।

सतर्कता व जागरूकता के साथ तोड़े महामारी की कड़ी

डाक्टर परमेश्वर अरोड़ा ने कहा कि लोग कोरोना महामारी से बचाव के लिए मास्क लगाएं, शारीरिक दूरी का पालन समेत स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों का पालन करें। ऐसा करने से ही महामारी की कड़ी टूटेगी। लोगों को चाहिए कि वह स्वच्छता रखें, गरम पानी पीएं, भाप लें, गरारे करें व कोरोना के लक्षण आने पर समय से जांच कराएं और चिकित्सा लें।

डाक्टर परमेश्वर अरोड़ा ने लोगों से आह्वान किया कि इस समय इस हवन को धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि वातावरणीय शुद्धि हेतु किए जाने वाले एक चिकित्सा कर्म समझें। धर्म और जाति से ऊपर उठकर सब एक ही समय में अपने-अपने घर में इस धूम चिकित्सा को करेंगे तो निश्चित ही यह वातावरण की शुद्धि में माध्यम बनेगी। हमें तीन दिन तक लगातार करना है।