गुरुग्राम का पहला इलेक्ट्रिक बस डिपो मई तक होगा तैयार, सड़कों पर दौड़ेंगी 200 नई बसें
गुरुग्राम का पहला इलेक्ट्रिक बस डिपो मई तक सेक्टर-48 में तैयार हो जाएगा, जिसका 70% काम पूरा हो चुका है। ...और पढ़ें
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सेक्टर 48 ई बस डिपो परिसर में निर्माणाधीन बिल्डिंग। जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संदीप रतन, गुरुग्राम। साइबर सिटी का पहला इलेक्ट्रिक बस डिपो मई तक बनकर तैयार हो जाएगा। सेक्टर-48 में निर्माणाधीन इस डिपो का करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अप्रैल में गुरुग्राम को 200 इलेक्ट्रिक बसें मिलने की संभावना के मद्देनजर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
अधिकारियों का दावा है कि डिपो समय पर तैयार कर लिया जाएगा ताकि नई बसों का संचालन बिना किसी बाधा के शुरू किया जा सके। सेक्टर-48 में बन रहे इस अत्याधुनिक डिपो में एक साथ 25 इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज करने की सुविधा उपलब्ध होगी। यहां हाई-कैपेसिटी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं।
बसों की पार्किंग, मेंटेनेंस और मॉनीटरिंग के लिए भी आधुनिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इस तरह तैयार किया जा रहा है कि भविष्य में बसों की संख्या बढ़ने पर भी किसी प्रकार की समस्या न आए।
फिलहाल शहर में 150 सीएनजी आधारित लो फ्लोर सिटी बसें संचालित की जा रही हैं। इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने से सार्वजनिक परिवहन प्रणाली और सशक्त होगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और ट्रैफिक व प्रदूषण दोनों में कमी आएगी।
सेक्टर-10 डिपो में भी चार्जिंग स्टेशन तैयार
सेक्टर-10 स्थित बस डिपो में भी इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन तैयार कर लिया गया है। दोनों डिपो में ई-बसों को चार्ज करने की समुचित व्यवस्था होगी। इसके अलावा सेक्टर-10 बस डिपो में एक बस टर्मिनल के निर्माण का प्रस्ताव भी है। कंसलटेंट द्वारा इसका डिजाइन तैयार किया जा रहा है। टर्मिनल बनने के बाद यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और बस संचालन अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगा।
सेक्टर-103 में बनेगा सिटी सब डिपो
शहर के बढ़ते विस्तार को देखते हुए सेक्टर-103 में सात एकड़ जमीन पर सिटी सब डिपो विकसित करने की योजना है। इसका डिजाइन डिमट्स द्वारा फाइनल किया जा रहा है। इस सब डिपो के बनने से द्वारका एक्सप्रेसवे और आसपास के क्षेत्रों में बस संचालन को मजबूती मिलेगी। साथ ही भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
अगर 200 इलेक्ट्रिक बसें समय पर शुरू हो जाती हैं तो शहर में ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी। आइटी और इंडस्ट्री के हब गुरुग्राम में सार्वजनिक परिवहन की कमी महसूस की जा रही है। लोगों को मजबूरन कैब और आटो में सफर करना पड़ता है।
रविंद्र यादव, पूर्व पार्षद
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहर में प्रदूषण स्तर घटाने में मदद मिलेगी। डिपो निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले समय में गुरुग्राम का सार्वजनिक परिवहन ढांचा और अधिक आधुनिक तथा पर्यावरण अनुकूल होगा।
दीपेंद्र राज सिंह, एक्सईएन जीएमडीए
इलेक्ट्रिक बसें शुरू होने से प्रदूषण कम होगा, जो शहर के लिए बेहद जरूरी है। प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि बसें समय पर चलें और रूट कवर पर्याप्त हों, ताकि लोग निजी वाहनों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। मानेसर क्षेत्र के सेक्टरों तक भी सिटी बसों की सुविधा देने की जरूरत है।
