जासं, गुरुग्राम : गुरुग्राम विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद के जीवन के बारे में बताया गया। कार्यक्रम का शीर्षक 'आत्म प्रबंधन' था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता कुलपति डॉ. मारकंडेय आहूजा रहे। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि वे एक मजबूत संकल्प के धनी थे। उन्होंने कहा था कि मनुष्य के व्यक्तित्व में कई शक्तियां विद्यमान है और शिक्षा के माध्यम से हम इन सुप्त शक्तियों को जागृत कर जीवन को सफल बना सकते हैं।

डॉ. मारकंडेय आहूजा ने बताया कि स्वामी विवेकानंद द्वारा शिकागो में हुए धर्म-सम्मेलन की 126वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। डॉ. आहूजा ने कहा कि हमें संकल्प शक्ति से अपने उद्देश्य को केंद्रित कर उसे प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए और ईमानदारी, कुशलता, सत्य, उदारता, राष्ट्रीयता, दूरदर्शिता, सत्य ज्ञान, निष्ठा, उतरदायित्व, स्वाभिमान, विरक्ति भाव, समदर्शिता, अनुशासन, दान व अर्पण, समर्पण जैसे भाव अपने व्यक्तित्व में शामिल करना चाहिए।

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