दिल्ली की घटनाओं से सबक, टावर ऑफ जस्टिस में परखी गई आपात सुरक्षा, फायर से लेकर SDRF तक ने किया मॉक ड्रिल
दिल्ली की घटनाओं के बाद गुरुग्राम के टावर ऑफ जस्टिस में आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करने के लिए एक ...और पढ़ें

टावर ऑफ जस्टिस में की गई मॉक ड्रिल।
HighLights
टावर ऑफ जस्टिस में आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई।
एसडीआरएफ, फायर विभाग और पुलिस टीमों ने मॉक ड्रिल में भाग लिया।
आग और लिफ्ट में फंसे व्यक्ति के बचाव का अभ्यास किया गया।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। दिल्ली में हाल ही में सामने आई सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना और एक अस्पताल के सामने हुए अग्निकांड के बाद अब गुरुग्राम में भी महत्वपूर्ण भवनों की आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था को परखा जा रहा है।
इसी कड़ी में शुक्रवार को नवनिर्मित टावर ऑफ जस्टिस में माक ड्रिल आयोजित की गई। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य के लिए विभागों की तैयारियों और आपसी तालमेल को ल रहा।
कई आपात स्थितियों का रखा गया ध्यान
माक ड्रिल में एसडीआरएफ, फायर विभाग, सिविल डिफेंस, मेडिकल टीम और स्थानीय पुलिस की टीमें शामिल रहीं। यह पूरी कार्रवाई न्यायिक प्रशासन और जिला प्रशासन के सहयोग से की गई।

मॉक ड्रिल के दौरान मुख्य रूप से आग लगने और बिल्डिंग की लिफ्ट में व्यक्ति के फंसने जैसी आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए बचाव कार्य का अभ्यास किया गया। फायर विभाग की टीम ने आग की स्थिति में रेस्क्यू किया, जबकि एसडीआरएफ ने बचाव अभियान का अभ्यास किया।
शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण
मेडिकल टीम ने घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देने और स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा एवं मौके पर व्यवस्था संभालने की प्रक्रिया को परखा। सिविल डिफेंस टीम के चीफ वार्डन ने बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपात स्थिति में सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
-1790336144385.webp)
उन्होंने कहा कि किसी भी घटना के समय शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में संबंधित टीमों की त्वरित प्रतिक्रिया और आपसी तालमेल से राहत एवं बचाव कार्य को प्रभावी बनाया जा सकता है।
यह भी पढ़ें- सुरकंडा में मॉक ड्रिल: रोपवे में आया टेक्निकल फॉल्ट, पर्यटकों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला
